उत्तराखंड: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इन्वेस्टर्स समिटपर कही बड़ी बात! कहा- इन्वेस्टर्स त्रिवेंद्र के रिश्तेदार नहीं, पुराने एमओयू पर भी सरकार बढ़ाये कदम
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इन्वेस्टर्स समिट को लेकर बड़ा बयान दिया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इन्वेस्टर्स समिट को लेकर धामी सरकार की पीठ थपथपाई है। हालांकि साथ ही उन्होंने निवेश को लेकर बड़ा बयान देते हुए साफ किया कि सरकार को उन पुराने एमओयू पर भी काम करना चाहिए जो उनके कार्यकाल के दौरान किए गए थे। वहीं त्रिवेंद्र सिंह ने आगे कहा कि निवेशक कोई उनके रिश्तेदार नहीं है जो भी सरकार आती है राज्य हित के लिए निवेशकों के लिए बेहतर माहौल बनाना चाहिए।
गौर हो कि उत्तराखंड में धामी सरकार इन दिनों इन्वेस्टर समिट की तैयारी में जुटी हुई है और इसके लिए न केवल देश भर में बल्कि विदेशों से भी निवेशकों को राज्य में लाने की कोशिश हो रही है। इस बीच राज्य में पहले इन्वेस्टर समिट की भी चर्चा जोरों पर है। दरअसल यह इन्वेस्टर समिट त्रिवेंद्र सरकार के दौरान हुआ था और इस दौरान करीब 1 लाख 25 हजार के एमओयू साइन हुए थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पहले इन्वेस्टर्स समिट में हुए एमओयू पर कितना काम हो पाया। इस मामले को कांग्रेस जोर-जोर से उठा रही है और सरकार पर कई सवाल भी खड़े कर रही है ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कांग्रेस के इन सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस को ही कटघरे में खड़ा किया है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उनकी सरकार में 1 लाख 25 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए गए जिसमें से चालीस हजार करोड़ के एमओयू धरातल पर भी उतारे गए लेकिन राज्य में कभी भी कांग्रेस ने कोई भी इन्वेस्टर समिट नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कभी निवेशकों को लाने की सोच नहीं रही और कांग्रेस ने कभी इस तरफ ध्यान भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में 40 हजार करोड़ को धरातल पर उतर गया। राज्य स्थापना के बाद 17 सालों में जितना निवेश राज्य में आया उससे ज्यादा निवेश अकेले 4 साल में ही धरातल पर उतारा गया। उधर दूसरी तरफ त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में इन्वेस्टर समिट आयोजित करने पर धामी सरकार की भी पीठ थपथपाई है। हालांकि उन्होंने इस मामले में एक बड़ा बयान देते हुए यह भी कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान जो पुराने एमओयू साइन किए गए थे उसे पर भी सरकार को विचार करना चाहिए और इनको आगे बढ़ना चाहिए। त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि निवेशक कोई उनके रिश्तेदार नहीं है जो भी सरकार आती है राज्य हित के लिए निवेशकों के लिए बेहतर माहौल बनाना चाहिए।