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उत्तराखंड:GST चोरी के मामले में देश मे पहली बार कोर्ट ने दी 5 साल की सजा!फर्जी बिल दिखाकर ITC का लिया था लाभ!देश मे जीएसटी चोरी कर सजा पाने वाला पहला व्यापारी कौन है?

Uttarakhand: For the first time in the country, in the case of GST evasion, the court sentenced 5 years! ITC was taken advantage of by showing fake bills! Who is the first businessman in the country

भारत/उत्तराखंड:18/12/2022

उत्तराखंड सरकार ने स्पेशल अभियान चलाकर GST चोरी करने वाले व्यापारियों और कम्पनियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जीएसटी चोरी के मामले में उत्तराखंड में माल एवं सेवा कर अधिनियम के तहत पहली सजा हुई है । मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ( सीजेएम ) हरिद्वार की कोर्ट ने दोषी व्यापारी सुरेंद्र सिंह को पांच साल के कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई है । राज्य कर विभाग का दावा है कि जीएसटी चोरी में अदालत से दोषी को सजा होने का देश में पहला मामला है । राज्य कर विभाग की सीआईयू टीम ने अप्रैल 2022 में हरिद्वार जिले के ज्वालापुर निवासी सुरेंद्र सिंह की छह फर्मों पर कार्रवाई की थी । जांच में विभाग ने पाया कि आरोपी ने फर्जी बिल कर आईटीसी ( इनपुट टैक्स क्रेडिट ) का लाभ लिया था । इसमें लगभग 17 करोड़ का फर्जी क्लेम लिया । मामले में सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया था । शनिवार को सीजेएम हरिद्वार मुकेश चंद आर्य की कोर्ट ने सुरेंद्र सिंह को दोषी करार सजा सुनाई है । जुर्माना जमा न करने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी ।
 विभाग की जांच में पाया गया कि सुरेंद्र सिंह ने जीएसटी पंजीकरण में मुख्य व्यापार मैनपावर सप्लाई का दिखाया , लेकिन दिल्ली व हरियाणा की फर्मों से आयरन , फ्लाईवुड , फर्नीचर की फर्जी खरीद दिखाकर आईटीसी का क्लेम लिया जा रहा था । फर्जी बिलों में जिन फर्मों से खरीद दिखाई गई वे दिल्ली व हरियाणा में नहीं थीं । आरोपी को राजेश डूडानी फर्जी बिल बनाकर देता था । माल खरीद किए बिना ही फर्जी बिलों से आईटीसी का लाभ लिया जा रहा था।छह फर्मों के नाम से लिया जीएसटीएन नंबर आरोपी सुरेंद्र सिंह ने छह अलग - अलग फर्मों को जीएसटी में पंजीकृत किया था । इसमें मैसर्स पीएस इंटरप्राइजेज , एसएसएस इंटरप्राइजेज , सुरीत मेटल , पीएसडी पैकेजिंग , एसएसएस इंटरप्राइजेज , दीपक इंटरप्राइजेज शामिल हैं । विभाग की जांच में मौके पर मैसर्स पीएस इंटरप्राइजेज के अलावा अन्य कोई फर्मे नहीं चल रही थी ।

आपको बता दें कि जीएसटी चोरी करने पर सरकार द्वारा चलाये गए अभियान में सितंबर 2022 से दिसंबर 16 2022 तक कुल 50 करोड़ की टैक्स वसूली की गई है। टैक्स चोरी करने वाले राज्य कर विभाग की इंटेलिजेंस के रडार पर लगातार है। विभाग की ओर टैक्स देयता सम्बंधित रिकॉर्ड की जांच में ये सामने आया है कि राज्य में 35 हज़ार व्यापारी ऐसे है जो वैट प्रणाली में टैक्स जमा कर रहे थे, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारी या तो शून्य रिटर्न फ़ाइल कर रहे है या व्यापार को कम दिखाकर टैक्स की चोरी कर रहे हैं।