Oct 10, 2026 Login
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उत्तराखंड: 1.21 लाख लोग खा रहे थे गरीबो के हिस्से का राशन!पात्र को हां अपात्र को ना अभियान में सामने आए चौकानें वाले आंकड़े,देहरादून में सरेंडर हुए सबसे ज़्यादा अपात्र राशनकार्ड,अपने जिले का आंकड़ा भी जानिए

Uttarakhand: 1.21 lakh people were eating ration for the share of the poor! Yes to the ineligible, shocking figures surfaced in the campaign, most ineligible ration cards surrendered in Dehradun, als

उत्तराखंड में फर्जी और अपात्र राशन कार्ड धारकों के खिलाफ इन दिनों सख्ती से अभियान चलाया जा रहा है। पात्र को हां अपात्र को ना"अभियान के तहत अब तक 30 हज़ार से ज्यादा राशन कार्डो की 1 लाख 21 हज़ार से अधिक यूनिट सरेंडर किए जा चुके हैं। यानी अब तक ये सभी अपात्र लोग गरीबों का राशन खा रहे थे। इनमें से 6 हज़ार से ऐसे परिवारों के राशन कार्ड हैं जिनकी वार्षिक आय 5 लाख से भी ज्यादा है। यानी आर्थिक स्थिति अच्छी होने के बावजूद यह लोग गरीबों का राशन खा रहे थे।
 दरअसल खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने  पात्र को हां अपात्र को ना अभियान चलाया है इसके तहत बड़ी संख्या में लोग अपने राशन कार्ड सरेंडर कर रहे हैं।
 अगर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की रिपोर्ट की माने तो अब तक 30458 राशन कार्ड सरेंडर किए जा चुके हैं, जिनमें से 6143 राशन कार्ड एसएफआई, 2987 अंत्योदय, और 21384 प्राथमिक परिवारों के राशन कार्ड है।
 सबसे ज्यादा फर्जी राशन कार्ड राजधानी देहरादून में मिले हैं। जबकि रुद्रप्रयाग जिले से सबसे कम फर्जी राशन कार्ड बरामद किए गए हैं। विभाग के आंकड़ों कद मुताबिक देहरादून में 6309 राशन कार्ड बरामद किए हैं। रुद्रप्रयाग जिले में मात्र 327 अपात्र लोगों के राशन कार्ड बरामद हुए हैं। इसके अलावा उधम सिंह नगर जिले में 6193 राशन कार्ड, पौड़ी गढ़वाल में 3868, उत्तरकाशी में 351, टिहरी गढ़वाल में 1609, हरिद्वार में 4940, चमोली में 936 ,नैनीताल जिले में 2767, चंपावत में 634, बागेश्वर में 542, अल्मोड़ा में 371, और पिथौरागढ़ जिले में 1611 राशन कार्ड अब तक सरेंडर किए जा चुके हैं। यह वह लोग थे जो अब तक सरकारी राशन सस्ते में ले रहे थे या फ्री में ले रहे थे। जबकि इनकी वार्षिक आय 5 लाख से ज्यादा थी