रुद्रपुर में 'स्पा' की आड़ में 'जिस्मफरोशी' का गंदा खेल: मिजोरम की 2 नाबालिगों समेत 5 का रेस्क्यू, संचालिका सहित 6 दबोचे
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने एक बड़े देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश किया है। शहर के पॉश और व्यस्त गाबा चौक क्षेत्र में स्थित 'ब्यूटी क्वीन स्पा एंड सैलून' पर हुई इस छापेमारी ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने मौके से मिजोरम की दो नाबालिगों समेत कुल पांच युवतियों को नरक से बाहर निकाला है, जबकि रैकेट चलाने वाली महिला संचालिका समेत छह आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह मिजोरम की भोली-भाली युवतियों को उत्तराखंड में अच्छी नौकरी और बेहतर भविष्य का झांसा देकर रुद्रपुर बुलाता था। एक बार यहाँ पहुँचने के बाद युवतियों को डराया-धमकाया जाता था और उन्हें जबरन इस अवैध धंधे में धकेल दिया जाता था। एएचटीयू के इंचार्ज मनोहर सिंह दसौनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने काफी समय से मिल रही शिकायतों के बाद जाल बिछाया। पुलिस ने स्पा सेंटर में औचक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। स्पा सेंटर के कमरों से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, पांच मोबाइल फोन, एक क्यूआर कोड स्कैनर और रिसेप्शन रजिस्टर बरामद किया गया है। इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रेस्क्यू की गई दो लड़कियां नाबालिग हैं। पकड़े गए आरोपियों में मिजोरम और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोग शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मिजोरम के आइजोल स्थित 'ऑल वुमेन पुलिस स्टेशन' में भी इस संबंध में पहले से कुछ मामले दर्ज थे। अब उत्तराखंड पुलिस मिजोरम पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानव तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है। पुलिस ने गिरफ्तार सभी छह आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए इमोरल ट्रैफिक प्रिवेंशन एक्ट 1956, पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। रुद्रपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य स्पा सेंटरों के संचालकों में भी खौफ का माहौल है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि वेरिफिकेशन न कराने वाले और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त सेंटरों पर कार्रवाई का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।