नैनीताल:अजब गज़ब!ईद की नमाज के लिए मैदान आवंटन पर कुछ ही देर में बदला फैसला,डीएसए के दो आदेशों से उठा विवाद,प्रशासन की अनुमति होगी ज़रूरी
जिला खेल संघ और द नैनीताल जिमखाना की ओर से ईद की नमाज के लिए मैदान आवंटन को लेकर जारी दो अलग-अलग आदेशों ने नैनीताल में नया विवाद खड़ा कर दिया है। पहले अंजुमन इस्लामिया को ईद की नमाज के आयोजन के लिए मैदान उपयोग की अनुमति दी गई, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, 25 मई 2026 को डीएसए के अवैतनिक महासचिव मनोज जोशी द्वारा जारी पत्र संख्या डीएसए/64/2026 में अंजुमन इस्लामिया को 28 मई 2026 को ईद की नमाज के लिए मैदान उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई थी। आदेश में निर्धारित समय और तय व्यवस्थाओं के अनुरूप मैदान के उपयोग की बात कही गई थी।

हालांकि, इसके कुछ समय बाद ही महासचिव की ओर से दूसरा पत्र संख्या डीएसए/66/2026 जारी कर पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया गया। निरस्तीकरण आदेश में कहा गया कि डीएसए एवं नैनीताल जिमखाना का मैदान मुख्य रूप से खेल गतिविधियों के लिए निर्धारित है और किसी भी धार्मिक आयोजन की अनुमति देने से पहले प्रशासनिक स्वीकृति आवश्यक होती है, जो संस्था को प्राप्त नहीं थी।
दूसरे आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि धार्मिक गतिविधियां डीएसए के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं तथा ऐसे आयोजन संबंधित धार्मिक स्थलों पर ही किए जाने चाहिए। इसी आधार पर पूर्व में जारी अनुमति को “विधिसम्मत एवं वैध नहीं” बताते हुए तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।
लगातार जारी हुए इन दो आदेशों के बाद शहर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मैदान आवंटन और फिर अचानक आदेश निरस्त किए जाने से प्रशासनिक समन्वय, निर्णय प्रक्रिया और संस्थागत स्तर पर लिए गए फैसलों को लेकर भी सवाल उठने लगे l
वही ईद को लेकर प्रशासन, पुलिस और अमन कमेटी की अहम बैठक हुई जिसमें डीएसए मैदान में नमाज और स्लाटर हाउस को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में साफ किया गया कि डीएसए मैदान में नमाज केवल सक्षम अधिकारी की अनुमति मिलने के बाद ही अदा की जा सकेगी। साथ ही सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी और यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। एसपी डॉ. जगदीश चन्द्र ने कहा कि कुर्बानी केवल अधिकृत स्लाटर हाउस में ही की जाएगी। खुले स्थानों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। तल्लीताल स्थित स्लाटर हाउस वर्तमान में बंद है, ऐसे में उसे खुलवाने के लिए अमन कमेटी को न्यायालय या सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में शहर से बाहर स्थित स्लाटर हाउस में ही कुर्बानी करनी होगी।