जौलीग्रांट एयरपोर्ट गेस्ट हाउस के हेड कांस्टेबल की संदिग्ध मौत: सरकारी कार्बाइन से चलीं 11 गोलियां, इलाके में दहशत

Suspicious Death of Head Constable at Jolly Grant Airport Guest House: 11 Rounds Fired from Service Carbine; Panic Grips the Area

देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में तैनात हेड कांस्टेबल सुनील की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। दिल दहला देने वाली बात यह है कि मृतक की सरकारी कार्बाइन (राइफल) से एक के बाद एक कुल 11 राउंड फायरिंग हुई है। शांत माने जाने वाले इलाके में अचानक हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी से पूरे क्षेत्र में हड़कंप और दहशत का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए गहन जांच में जुट गई है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल सुनील सोमवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट के स्टेट गेस्ट हाउस में अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद रानीपोखरी स्थित अपने आवास पर लौटे थे। देर शाम जब वह अपने घर के बरामदे में मौजूद थे, तभी अचानक उनके घर से लगातार कई गोलियां चलने की तड़तड़ाहट गूंज उठी। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी और स्थानीय लोग सहम गए। जब कुछ हिम्मतवाले पड़ोसी भागकर सुनील के घर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। हेड कांस्टेबल सुनील बरामदे में खून से लथपथ हालत में पड़े हुए थे। स्थानीय निवासियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इस पूरे मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर तफ्तीश शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस यही मानकर चल रही है कि गोलियां सुनील की ही सरकारी कार्बाइन से चली हैं। हालांकि, यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है जो पुलिस के लिए भी एक बड़ी पहेली बन गए हैं। पुलिस की ओर से एक आशंका यह भी जताई जा रही है कि शायद हथियार साफ करते समय अचानक गोली चल गई होगी। लेकिन सबसे बड़ा पेच यही है कि अगर यह महज एक हादसा था, तो फिर एक या दो नहीं बल्कि करीब 11 राउंड गोलियां कैसे चल गईं? इतनी बड़ी तादाद में फायरिंग किसी बड़े हादसे या आत्मघाती कदम की ओर इशारा करती है। रानीपोखरी थाने के एसएसआई नवीन डंगवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना देर रात की है और फिलहाल गोली चलने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मौके से सरकारी कार्बाइन को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। घटना के पीछे की असली वजह जानने के लिए पुलिस मृतक के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही पड़ोसियों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस मामले में आत्महत्या, तकनीकी हादसा और किसी अन्य संभावित साजिश समेत सभी एंगल से बारीकी से जांच कर रही है ताकि सच सामने आ सके।