नैनीताल:खुले स्थानों पर कुर्बानी रोकने की उठी मांग,वैध वधशाला में ही हो कुर्बानी,शहर की धार्मिक गरिमा और झील संरक्षण के मद्देनजर सीएम को भेजा ज्ञापन

Nainital: Demand Raised to Ban Sacrifices in Open Spaces; Call for Sacrifices to be Conducted Exclusively in Licensed Slaughterhouses—Memorandum Sent to CM Citing the City's Religious Sanctity and La

नैनीताल निवासी नितिन कार्की ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बकरा ईद के अवसर पर खुले स्थानों में होने वाली कुर्बानी पर रोक लगाने तथा नैनीताल झील को प्रदूषण से बचाने के लिए तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं नगर पालिका परिषद नैनीताल को भी भेजी गई है।

पत्र में कहा गया है कि माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड द्वारा पूर्व में नैना देवी मंदिर क्षेत्र एवं नैनीताल नगर की धार्मिक और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए पशुबलि संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। नंदा देवी महोत्सव के दौरान प्रशासन भी बड़े स्तर पर सूचना बोर्ड लगाकर यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी प्रकार की बलि केवल निर्धारित वधशाला में ही हो तथा सार्वजनिक स्थानों और नालों को प्रदूषित न किया जाए।

नितिन कार्की ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में बकरा ईद के दौरान खुले स्थानों, गलियों और नालों के समीप कुर्बानी किए जाने से रक्त एवं अवशेष नालों के माध्यम से नैनीताल झील तक पहुंचते रहे हैं। इससे झील का जल प्रदूषित होने के साथ-साथ जनस्वास्थ्य, पर्यावरण और नगर की धार्मिक गरिमा भी प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि यदि एक धार्मिक आयोजन के लिए न्यायालय एवं प्रशासन द्वारा स्पष्ट नियम लागू किए जा सकते हैं, तो अन्य अवसरों पर भी समान व्यवस्था लागू होनी चाहिए। कानून और प्रशासनिक व्यवस्था सभी के लिए समान रूप से लागू होना आवश्यक है।

 

पत्र में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि खुले स्थानों, सार्वजनिक मार्गों एवं नालों के समीप कुर्बानी पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए तथा कुर्बानी केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित वैध वधशालाओं में ही सुनिश्चित की जाए। साथ ही नगर में बड़े सार्वजनिक सूचना बोर्ड लगाए जाने, झील एवं नालों को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने तथा नगर पालिका, पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त निगरानी टीम गठित करने की भी मांग की गई है।

पत्र में कहा गया है कि नैनीताल विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक नगर है और इसकी झील, स्वच्छता तथा धार्मिक मर्यादा की रक्षा करना प्रशासन की संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है।