उत्तराखंड में विजिलेंस का बड़ा एक्शनः 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते नैनीताल जनपद में तैनात कांस्टेबल रंगे हाथ गिरफ्तार! खनन कारोबारी को धमकी देकर कर रहा था अवैध वसूली
हल्द्वानी। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस की टीम ने नैनीताल जिले के बेतालघाट थाने में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सिपाही पर खनन कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान करने, वाहन चालान और सीज करने का भय दिखाकर अवैध धन उगाही करने का आरोप है। जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि वह सरकारी खनन पट्टे पर आरबीएम निकालने का कार्य करता है। खनन पट्टे से आरबीएम निकालकर उसे स्थानीय स्टोन क्रेशर तक पहुंचाने के लिए वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि बेतालघाट थाने में तैनात कांस्टेबल दीपक सिंह पुत्र खुशाल सिंह निवासी बिलहरी, चकरपुर, थाना कोतवाली खटीमा, जनपद ऊधम सिंह नगर लगातार उसके वाहनों को रोककर चालान करने और वाहन सीज कराने की धमकी दे रहा था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी सिपाही परिवहन कार्य में जानबूझकर अड़चनें पैदा कर रहा था और इस रोकटोक से राहत देने के एवज में 45 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सतर्कता सेक्टर हल्द्वानी ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद थाना सतर्कता सेक्टर हल्द्वानी में मामला दर्ज किया और पुलिस अधीक्षक सतर्कता सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम गठित की गई। पूर्व निर्धारित योजना के तहत विजिलेंस टीम ने रविवार 25 मई 2026 को जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी कांस्टेबल ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम 45 हजार रुपये ग्रहण की, ट्रैप टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया। मामले में सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने जनता से अपील करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में आम नागरिकों की भूमिका बेहद अहम है। यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है या भ्रष्टाचार में लिप्त है तो इसकी सूचना तत्काल सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 अथवा व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर दें।