थारू जनजाति जमीन मामले पर सीएम धामी का कांग्रेस पर तंज, बताया 'नई बोतल में पुरानी शराब

CM Dhami takes a jibe at Congress over the Tharu tribe land issue, calling it 'old wine in a new bottle.'

उत्तराखंड की सियासत में थारू जनजाति समाज की जमीनों का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। अपने खटीमा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्लॉक सभागार में स्थानीय पंचायत एवं निकाय जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं द्वारा थारू जनजाति की जमीनें छीने जाने के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे 'नई बोतल में पुरानी शराब' भरने जैसा बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस का यह भ्रम फैलाने वाला नैरेटिव अब राज्य में चलने वाला नहीं है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनप्रतिनिधियों से संवाद के दौरान अपने संबोधन में कहा कि बीते रोज खटीमा में आयोजित कांग्रेस के एक सम्मेलन में विपक्षी नेताओं ने एक बार फिर साल 2022 के विधानसभा चुनाव का पुराना राग अलापने का काम किया है। उन्होंने कहा, "खटीमा क्षेत्र में जमीनों को छीनने के झूठे विषय को उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। साल 2022 के चुनाव में भी कांग्रेस ने इसी तरह का नैरेटिव सेट करने की कोशिश की थी, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया। कांग्रेस पार्टी का यह बयान रूपी खोटा सिक्का सिर्फ एक बार ही चलना था, जो चल चुका, अब जनता इनके बहकावे में नहीं आने वाली। कांग्रेस के आरोपों को खोखला साबित करने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने सीधे मंच से कार्यक्रम में मौजूद क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने पूछा, "आप सभी क्षेत्र के जमीनी प्रतिनिधि हैं, मुझे बताइए कि क्या बीते साढ़े चार साल में खटीमा के भीतर किसी भी थारू जनजाति समाज के व्यक्ति की एक इंच जमीन भी छीनी गई है?" इस पर सभागार में मौजूद लोगों ने एक सुर में 'ना' कहा। सीएम धामी ने मंच से सभी को पूरी तरह आश्वस्त किया कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में खटीमा या पूरे उत्तराखंड के किसी भी नागरिक का हित प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा, चाहे कांग्रेस कितनी भी अफवाहें क्यों न फैला ले। भाजपा सरकार के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी नीतियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में आज ऐतिहासिक काम हो रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "हमारी सरकार उधम सिंह नगर में बांग्लादेश से आए करीब एक लाख शरणार्थियों को नागरिकता देने जा रही है। यही नहीं, क्षेत्र में 4000 से अधिक सीलिंग की भूमि पर पात्र लोगों को मालिकाना हक देते हुए पट्टे वितरित किए गए हैं। जो सरकार लोगों को जमीनें और अधिकार दे रही है, उस पर जमीन छीनने का आरोप लगाना हास्यास्पद है। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख और आक्रामक तेवरों से खटीमा और आस-पास के राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। आगामी दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के आसार हैं।