Aug 29, 2026 Login

हरियाणा में 17 सितम्बर से शुरू होगा ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान! महिलाओं के स्वास्थ्य को नई दिशा देने की तैयारी

'Swasth Nari Sashakt Parivar Abhiyan' will start from 17th September in Haryana! Preparations to give a new direction to women's health

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार प्रदेश की महिलाओं के स्वास्थ्य और परिवारों की सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। आगामी 17 सितम्बर से 2 अक्तूबर तक प्रदेशभर में ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ चलाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संयुक्त रूप से रोहतक में करेंगे। संयोग से यही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस है और इसी अवसर पर प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश से इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करेंगे। आज मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में अभियान की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय बैठक हुई। उन्होंने बताया कि रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) परिसर में इस कार्यक्रम का आयोजन होगा। यहाँ विशेष स्वास्थ्य कियोस्क स्थापित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच होगी। इसमें उच्च रक्तचाप, कैंसर, एनीमिया और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की स्क्रीनिंग शामिल रहेगी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एमडीयू ऑडिटोरियम में एक वरिष्ठ चिकित्सक को कार्यक्रम का प्रभारी बनाया जाए, जबकि समन्वय और सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन से भी एक वरिष्ठ अधिकारी तैनात किया जाए।

स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि यह अभियान हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को व्यापक बनाने का बड़ा अवसर है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) पर 122 विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में स्त्री रोग, बाल रोग, नेत्र रोग, ईएनटी, दंत चिकित्सा, त्वचा रोग और मनोचिकित्सा जैसी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक शिविर में औसतन 300 मरीजों की जांच का लक्ष्य तय किया गया है। राजपाल ने बताया कि महिलाओं और परिवारों को सीधे लाभ पहुँचाने के लिए कई पहलें की जा रही हैं। अभियान के दौरान 75,000 चश्मे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए 75 नए ओबेसिटी क्लीनिक खोले जाएंगे। वहीं, 138 ब्लड बैंकों में कुल 696 रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में व्यापक स्वास्थ्य जांच होगी, जहाँ अभियान के दौरान प्रतिदिन 50 से 100 मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। पर्यावरण और स्वच्छता को जोड़ते हुए इस अभियान में 50,000 पौधे लगाने का लक्ष्य भी रखा गया है। इसके साथ ही अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। यह कदम साफ-सुथरे माहौल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने की दिशा में अहम साबित होगा। अभियान में महिला एवं बाल विकास विभाग भी सक्रिय भागीदारी निभाएगा। इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया जाएगा। पोषण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए पोषण अभियान और निवारक देखभाल को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष टीकाकरण सप्ताह जैसी पूरक गतिविधियाँ भी चलाई जाएंगी।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव टी.एल. सत्यप्रकाश, विभाग की महानिदेशक मोनिका मलिक, स्वास्थ्य विभाग के सचिव रिपुदमन सिंह ढिल्लों और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल स्वास्थ्य सेवाएँ देने तक सीमित नहीं होगा बल्कि महिलाओं को जागरूक कर परिवारों और समाज को सशक्त बनाने का भी माध्यम बनेगा। राजनीतिक दृष्टि से यह अभियान हरियाणा सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य की मौजूदा सरकार लगातार स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता में रख रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनकी टीम इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देना चाहती है ताकि यह संदेश जाए कि स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और मजबूत समाज की आधारशिला है। स्पष्ट है कि 17 सितम्बर से शुरू होने वाला यह अभियान केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हरियाणा सरकार की सामाजिक-राजनीतिक दृष्टि का हिस्सा है, जो महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रदेश की प्रगति और विकास के केंद्र में रखता है।