देहरादून में सनसनीखेज मामलाः कार में मृत मिली युवा डॉक्टर! परिजनों का आरोप- एचओडी के दबाव और प्रताड़ना से टूटी जिंदगी, पुलिस जांच में जुटी

Sensational case in Dehradun: Young doctor found dead in car! Family alleges her life was shattered by pressure and harassment from her head of department; police investigate.

देहरादून। राजधानी देहरादून से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और मेडिकल शिक्षा प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की 25 वर्षीय पीजी छात्रा डॉ. तन्वी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मंगलवार देर रात डॉ. तन्वी कारगी रोड पर अपनी कार के अंदर गंभीर हालत में पाई गईं। मौके पर पहुंची पुलिस को कार के भीतर इंजेक्शन और मेडिकल सामग्री मिली। उन्हें तत्काल श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉ. तन्वी मूल रूप से अंबाला की रहने वाली थीं और देहरादून की टीएचडीसी कॉलोनी में अपनी मां के साथ रह रही थीं। घटना के बाद परिजनों में शोक की लहर है। पिता ललित मोहन ने मेडिकल कॉलेज की एचओडी डॉ. प्रियंका गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी को लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था, जिससे वह बेहद तनाव में थी। परिजनों का आरोप है कि विभाग में उसे अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता था और पढ़ाई से जुड़े मामलों में भी दबाव बनाया जाता था। वहीं इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित एचओडी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी अपना पक्ष रखते हुए बताया कि डॉ. तन्वी पहले से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं और उनका उपचार चल रहा था। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, कार्यस्थल के माहौल और संस्थानों की जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।