उत्तराखण्डः देहरादून में भूस्खलन क्षेत्र में अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त! नगर निगम, एमडीडीए और सरकार से 3 हफ्ते में मांगा जवाब

Uttarakhand: The High Court has taken a tough stand on illegal construction in the Dehradun landslide zone, demanding responses from the Municipal Corporation, MDDA, and the government within three w

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में देहरादून के भूस्खलन व संवेदनशील क्षेत्र में किए जा रहे अव्यस्थित निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने देहरादून नगर निगम, एमडीडीए सहित राज्य से 3 सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 3 सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। बता दें कि देहरादून की समाजसेवी रेनू पाल ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि 2011 में उत्तराखंड के लिए बिल्डिंग बायलॉज बनाए गए। जिसके बाद वर्ष 2015 में संसोधन कर 30 डिग्री ढलान व भूस्खलन क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया गया। जिसके बाद 2019 में जारी शासनादेश के बाद देहरादून में फुटहिल क्षेत्रों का चिन्हीकरण करने के साथ ही निर्माण कार्यों के प्रतिबंधित किया गया था। बावजूद इसके देहरादून घाटी की तलहटी पर बहुमंजिला भवन बनाए जा रहे है। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि घाटी के प्रतिबंधित क्षेत्रों में किए जा रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाए।