परिवर्तन बनाम आबार जीतबे बांग्ला: बंगाल की 152 सीटों पर महासंग्राम आज,1478 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में होगा कैद

Parivartan vs. Abar Jitbe Bangla: The Grand Battle for 152 Seats in Bengal Today; The Fate of 1,478 Candidates to be Sealed in EVMs

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्ता का सिंहासन किसे मिलेगा, इसका फैसला करने के लिए आज यानी 23 अप्रैल को लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव शुरू हो रहा है। पहले चरण के तहत राज्य के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। यह चुनाव महज एक मतदान नहीं, बल्कि भाजपा के ‘परिवर्तन’ (पाल्टानो दरकार, चाई बीजेपी सरकार) और तृणमूल कांग्रेस के ‘आबार जीतबे बांग्ला’ के दावों के बीच की सीधी और भीषण टक्कर है।

उत्तर बंगाल से राढ़ तक का रण आज का मतदान भौगोलिक और राजनीतिक, दोनों लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तर बंगाल के चाय बागानों से लेकर जंगलमहल के पठारों और राढ़ क्षेत्र की मिट्टी तक, आज करीब 3.60 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मैदान में कुल 1478 उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं। कूचबिहार दक्षिण और इटाहार में सबसे अधिक 15-15 प्रत्याशी आमने-सामने हैं, जबकि चंद्रकोणा में सबसे कम 5 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर इस चरण में बंगाल की राजनीति के कई 'चाणक्य' और 'योद्धा' चुनावी मैदान में हैं। सबकी नजरें नंदीग्राम पर टिकी हैं जहाँ भाजपा के शुभेंदु अधिकारी की साख दांव पर है। वहीं, बहारामपुर में कांग्रेस के दिग्गज अधीर रंजन चौधरी और खड़गपुर सदर में दिलीप घोष की अग्निपरीक्षा है। इनके अलावा निशीथ प्रमाणिक, उदयन गुहा, गौतम देव और अग्निमित्रा पॉल जैसे बड़े नामों के राजनीतिक भविष्य का फैसला भी आज मतदाता करेंगे। सुरक्षा का अभेद्य किला: परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर बीते वर्षों में चुनावी हिंसा के इतिहास को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। निष्पक्ष चुनाव के लिए 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं।सबसे अधिक सुरक्षा मुर्शिदाबाद में है, जहाँ अकेले 316 कंपनियां मोर्चा संभाल रही हैं। लगभग 8,500 बूथों को 'अति संवेदनशील' घोषित किया गया है। 2,193 क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार हैं। सभी केंद्रों पर वेबकास्टिंग के जरिए आयोग के कंट्रोल रूम से सीधी नजर रखी जा रही है।

मतदाताओं का गणित इस बार के आंकड़ों में महिलाओं की भागीदारी निर्णायक भूमिका में दिख रही है।
कुल मतदाता: 3,60,77,171
महिला मतदाता: 1,75,77,210
पुरुष मतदाता: 1,84,99,496
थर्ड जेंडर: 465

दासपुर विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 2.96 लाख मतदाता हैं, जबकि समशेरगंज में सबसे कम 1.61 लाख मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। दो चरणों में सिमटा चुनाव 2021 के आठ चरणों के मुकाबले इस बार आयोग ने प्रक्रिया को तेज करते हुए इसे केवल दो चरणों में समेटा है। चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि कम चरणों में मतदान होने से सुरक्षा बलों का प्रबंधन बेहतर हुआ है, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। आज शाम तक ईवीएम में बंद होने वाली यह राय तय करेगी कि बंगाल की जनता 'परिवर्तन' के नारे पर मुहर लगाती है या ममता बनर्जी के 'जीतबे बांग्ला' के भरोसे को बरकरार रखती है।