काशीपुर के ऐतिहासिक द्रोण सागर डेम पर अतिक्रमण का मामला पहुंचा हाईकोर्ट! डीएम से मांगी प्रगति रिपोर्ट, 4 हफ्ते में देना होगा जवाब

The High Court has reached the issue of encroachment on Kashipur's historic Drona Sagar Dam. The DM has been asked to submit a progress report within four weeks.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने काशीपुर के ऐतिहासिक द्रोण सागर डेम की जमीन पर किए जा रहे अतिक्रमण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने जिलाधिकारी उधम सिंह नगर से पूछा है कि अतिक्रमणकारियों को पूर्व में दिए गए नोटिस पर अब तक की गई कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट पेश करें। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 4 सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। बता दें कि काशीपुर निवासी चक्रेश कुमार जैन ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि काशीपुर स्थित ऐतिहासिक द्रोण सागर लेक में अतिक्रमण के साथ अनैतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। इस स्थान का महाभारत काल से जुड़ाव माना जाता है और माना जाता है कि पांडवों ने अपने गुरू द्रोणाचार्य के लिए इस लेक का निर्माण किया था। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि इस लेक के चारों ओर 30 ऐतिहासिक मंदिर मौजूद हैं। वर्ष 2018 में एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने इस क्षेत्र के पुरातात्विक महत्व को देखते हुए इसे एएसआई के अधीन करने पर सहमति दी थी। वर्ष 2020 में ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी की ओर से लेक के संरक्षण के लिए उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गयी थी।