Aug 29, 2026 Login

दुखदः लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में भीषण हिमस्खलन! तीन सैनिक शहीद, इलाके में बढ़ा खतरा

Sad: Massive avalanche in Siachen Glacier, Ladakh! Three soldiers martyred, danger increased in the area

नई दिल्ली। लद्दाख से एक दुखद खबर सामने आई है, यहां सियाचिन ग्लेशियर स्थित बेस कैंप पर मंगलवार को भीषण हिमस्खलन की चपेट में आने से सेना के तीन जवान बलिदान हो गए। खबरों के मुताबिक हादसा अचानक हुआ और बचाव दल तुरंत राहत कार्य में जुट गया। सेना ने अन्य जवानों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जवानों के शव की तलाश की जा रही है। फिलहाल इलाके में भारी बर्फबारी के चलते हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों ने बचाव अभियान तेज़ कर दिया है और ग्लेशियर की कठोर परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया है। भारतीय सेना इस खतरनाक क्षेत्र में तैनात कर्मियों की बेहतर सुरक्षा के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा जारी रखे हुए है। खोज जारी रहने के साथ, राष्ट्र अपने उन बहादुर सैनिकों के निधन पर शोक मना रहा है जो दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण अग्रिम मोर्चों में से एक पर तैनात हैं। बता दें कि सियाचिन ग्लेशियर पूरी दुनिया का सबसे ऊंचा युद्ध क्षेत्र है। जहां पर तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है। जिसकी वजह से वहां रहने वाले सैनिकों को फ्रॉस्टबाइट यानी की ज्यादा ठंड की वजह से शरीर के सुन्न हो जाने की परेशानी हो जाती है। माइनस शून्य से भी कम तापमान में तैनात सैनिकों को कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सांस में तकलीफ के साथ ही दिमागी सूनापन की भी दिक्कतें आती हैं। कोल्ड इंज्युरी तो सामान्य है।