रुद्रपुरः नम आंखों से दी गई अभिषेक वाल्मीकि को अंतिम विदाई! सुरक्षा के बीच निकली शव यात्रा, कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा समेत दो लोग हिरासत में लिए
रुद्रपुर। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल अभिषेक वाल्मीकि ने पांच दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद गुरुवार को दम तोड़ दिया। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक का शव रुद्रपुर पहुंचा तो गांधी कॉलोनी स्थित उनके आवास पर माहौल गमगीन हो गया। शव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। अभिषेक के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि उनके आवास पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। अभिषेक की मौत के बाद पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट नजर आया। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया था। अंतिम यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती। वहीं एसडीएम मनीष बिष्ट भी अभिषेक के आवास पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक का शव जैसे ही गांधी कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचा, परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। घर के बाहर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। हर कोई अभिषेक के अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहा था। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इसके बाद आवास से अभिषेक की अंतिम शव यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा किच्छा रोड स्थित श्मशान घाट पहुंची, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। शव यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समाज के लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। अंतिम यात्रा में विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, सुशील गाबा, हिमांशु गाबा समेत कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। अभिषेक की मौत के बाद पहले से ही क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल था। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अंतिम यात्रा के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था की। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा और रंजीत राणा को एहतियातन हिरासत में लिया। पुलिस की ओर से यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया बताया गया।

7 अगस्त की रात हुआ था हादसा
बता दें कि बीती सात अगस्त की रात एलायंस कॉलोनी गेट के पास फ्लाईओवर पर स्कॉर्पियो की टक्कर से अभिषेक वाल्मीकि और उनका दोस्त जतिन घायल हो गए थे। हादसे में अभिषेक की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें तत्काल बरेली रेफर किया गया था। इसके बाद पांच दिनों तक उनका उपचार चलता रहा, लेकिन गुरुवार को उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज के लोगों ने रुद्रपुर कोतवाली में लगातार तीन दिन तक प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार गहमागहमी की स्थिति भी बनी। लगातार बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस ने भाजपा से निष्कासित पारस चुघ के भाई सन्नी चुघ को गिरफ्तार किया था। इसके बाद स्थिति कुछ शांत हुई थी।

मुआवजे की उठी मांग, अफवाहों पर भड़के लोग
इधर आज अभिषेक वाल्मीकि के अंतिम संस्कार के बाद वाल्मीकि समाज के लोगों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने और परिवार के सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग की। वहीं समाज के लोगों ने समझौता होने और 60 लाख रूपए लिए जाने की बात पर नाराजगी जताई। नाराज लोगों का कहना था कि शहर के कुछ पत्रकारों ने यह अफवाह फैलाई की पीड़ित परिवार ने 60 लाख रूपए में समझौता किया है, जबकि यह बात बिल्कुल भी सत्य नहीं है।