Oct 04, 2026 Login

उत्तराखण्डः नैनीताल में क्वांटम डॉट और नैनो मैटीरियल पर मंथन! देशभर के 10 से अधिक प्रोफेसर जुटे, चीन-रूस-अमेरिका से रॉ मैटीरियल की निर्भरता खत्म करने पर जोर

 Uttarakhand: Deliberations on quantum dots and nanomaterials in Nainital! Over 10 professors from across the country gathered; emphasis placed on ending reliance on China, Russia, and the US for raw

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के हर्मिटेज भवन में 4 दिवसीय सेमिनार में छात्रों के साथ देशभर से दस से अधिक प्रोफेसर जुटे हैं। ‘क्वांटम डॉट’ और ‘नैनो मैटीरियल’ बनाकर देश की सुरक्षा, स्वास्थ्य, एनर्जी आदि में आत्मनिर्भरता खत्म कर उसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। नागालैंड, पोंडीचेरी, शिवाजी यूनिवर्सिटी महाराष्ट्र, केरल और बेंगलौर से आए इन प्रोफेसरों ने भारत की चीन, रूस, अमेरिका समेत अन्य देशों पर रॉ मटीरियल को लेकर निर्भरता को खत्म करने के लिए रिसर्च का एडवांस रूप किया जा रहा है। आईओएस बेंगलोर से आए प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रो. सत्यम सुवास ने बताया कि अनुसंधान विकास फाउंडेशन के तत्वावधान में एक मॉडल बनाया जा रहा है, जिसमें कुमाऊं विश्वविद्यालय को मिलाकर सात इंस्टिट्यूट हैं। हम एडवांस मटीरियल साइंस पर काम कर रहे हैं। इस मटीरियल का देश और जीवन के हर क्षेत्र में काम होता है। इस सेमिनार का मकसद है कि अबतक की रिसर्च को और बेहतरीन बनाकर उसे राष्ट्र हित में इस्तेमाल में लाया जाए। उन्होंने बताया कि हमारे देश में रॉ मटीरियल चायना, रूस और अमेरिका व अन्य देशों से आता है, अब इसे न मंगाकर हम पूर्ण आत्मनिर्भर होना चाहते हैं। बायो मैडिकल से जुड़ी डॉ. हिमानी तिवाड़ी ने बताया कि हम हर्ब्स जैसे जंगली हल्दू जड़, बिछु घास, अखरोट शैल, बांज फल आदि से क्वांटम डॉट और नैनो मैटीरियल बनाने में दक्ष हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे बायो मेडिकल, एनर्जी, हैल्थ आदि अलग-अलग सेक्टरों में बड़े पैमाने में मदद मिलेगी और दूसरे देशों से आने वाले रॉ-मटीरियल की निर्भरता खत्म होगी।