बेटा कहता था पापा, मैं आपको बहुत सारे पैसे दिलाऊंगा... अपनी बात पूरी कर गया! गुलदार के हमले में मासूम रियांशु की मौत से टूटे पिता, पहले ही बोल चुका था अब कहीं मुझे तो नहीं ले जाता?
गंगोलीहाट। ‘रियांशु अक्सर मुझसे कहता था कि पापा, मैं आपको बहुत सारे पैसे दिलाऊंगा... आज मेरा बेटा अपनी बात पूरी कर गया, वह हमें छोड़कर चला गया। यह कहते-कहते भगवान राम की आंखों से आंसू छलक पड़े। बेटे को खोने का दर्द उनके शब्दों में साफ झलकता है। गंगोलीहाट के भंडारीगांव में गुलदार के हमले में 10 वर्षीय रियांशु की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। तहसील मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर भंडारीगांव में रियांशु अपनी दादी के सामने आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। तलाश के दौरान घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में मासूम का शव बरामद हुआ। सबसे मार्मिक बात यह है कि घटना से ठीक दो दिन पहले ही रियांशु ने अपने सामने गुलदार को बकरी उठाकर ले जाते देखा था। उस समय वह डर गया था। उसने परिजनों से कहा था कि बकरी ले जाते समय गुलदार उसे बहुत घूर रहा था और डरते हुए पूछा था, ‘अब कहीं मुझे तो नहीं ले जाता?’ परिवार ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि मासूम का यह डर इतनी जल्दी हकीकत बन जाएगा। रियांशु की मौत के बाद परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। क्षेत्रीय विधायक फकीर राम टम्टा और विभाग की ओर से एसडीओ नेहा सौन व राजकुमार ने परिवार को मुआवजे का चेक सौंपा। विधायक ने गांव के एकांत में बने घरों में तत्काल सौर ऊर्जा लाइट लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गुलदार को पकड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। रियांशु पढ़ाई में भी होनहार था। उसकी मौत ने ग्रामीणों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। ग्राम प्रधान दान सिंह मेहता समेत ग्रामीणों का आरोप है कि दो दिन पहले बकरी को गुलदार द्वारा उठाए जाने के बाद यदि वन विभाग ने गंभीरता दिखाई होती तो शायद आज रियांशु उनके बीच होता। अब ग्रामीणों की एक ही मांग है कि गुलदार को जल्द पकड़ा जाए और गांव के लोगों को उसके आतंक से सुरक्षित किया जाए।