Aug 26, 2026 Login

रुद्रपुर में सियासी संग्रामः ठुकराल पर मुकदमे के विरोध में कांग्रेस ने घेरा एसएसपी कार्यालय, बैरिकेडिंग तोड़कर धरने पर बैठे नेता

Political standoff in Rudrapur: Congress lays siege to SSP office in protest against case filed against Thukral; leaders break through barricades and stage a sit-in.

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर शुरू हुआ विवाद अब खुलकर राजनीतिक टकराव में बदल गया है। कलेक्ट्रेट में सोमवार को कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान भाजपा नेताओं के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने से सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने मुकदमे को एकतरफा कार्रवाई बताते हुए मंगलवार को एसएसपी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर कार्यालय परिसर में प्रवेश कर धरना शुरू कर दिया। मामले की शुरुआत सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित SIR से संबंधित बैठक के दौरान हुई। बैठक में भाजपा नेताओं के बीच तीखी बहस और नोकझोंक के बाद मामला बढ़ गया। विवाद के बाद जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी की तहरीर के आधार पर पंतनगर थाने में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। ठुकराल के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से पहले भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में एक कक्ष के बाहर बैठकर भजन-कीर्तन करते रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं की मांग थी कि जब तक पूर्व विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता, वे वहां से नहीं उठेंगे। काफी देर तक चले इस घटनाक्रम के बाद जब पुलिस की ओर से ठुकराल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, तब भाजपा कार्यकर्ता वहां से चले गए। मंगलवार को इसी कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए कार्यालय के मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग के सामने नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

बैरिकेडिंग तोड़कर SSP कार्यालय में घुसे कांग्रेस कार्यकर्ता
विरोध प्रदर्शन के दौरान किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा, महानगर अध्यक्ष ममता रानी समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी बैरिकेडिंग पार कर एसएसपी कार्यालय परिसर में पहुंच गए। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और मामले में सभी पक्षों के खिलाफ समान कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यदि विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज के आरोप हैं तो केवल एक पक्ष के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई।

कांग्रेस का आरोप- बैठक में विवाद जानबूझकर खड़ा किया गया
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा ने आरोप लगाया कि SIR की बैठक में केवल राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को शामिल होना था। इसके बावजूद भाजपा के विधायक और पूर्व विधायक बैठक में पहुंचे। गाबा का कहना था कि यदि भाजपा नेताओं को कुमाऊं कमिश्नर के सामने अपनी बात रखनी थी तो वे अलग से समय लेकर मुलाकात कर सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और आपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बैठक में प्रस्तुत किए जाने थे, लेकिन विवाद खड़ा होने से पूरा माहौल बिगड़ गया और मूल मुद्दा पीछे छूट गया। गाबा ने सवाल उठाया कि विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज के आरोप हैं, तो फिर सरकारी अधिकारी की तहरीर पर केवल राजकुमार ठुकराल के खिलाफ मुकदमा क्यों दर्ज किया गया? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से भी ठुकराल के खिलाफ तहरीर दी गई है और उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि SIR की पूरी प्रक्रिया के दौरान पार्टी कार्यकर्ता सक्रिय रहेंगे और सड़कों पर उतरकर निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाने या अपात्र व्यक्ति का नाम जोड़ने की कोशिश का विरोध किया जाएगा।

किच्छा विधायक बेहड़ ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
धरने के दौरान किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने भी पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए कहा कि यदि ठुकराल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है तो विवाद में शामिल अन्य आरोपित नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। बेहड़ ने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व विधायक के घर जाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के दौरान क्या निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को लेकर अदालत का रुख करेगी। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ मानहानि का दावा करने की बात भी कही।