उत्तराखंड हाईकोर्ट में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुनवाई! आजीवन कारावास को चुनौती देने वाले पुलकित आर्या और सौरभ भास्कर को नहीं मिली राहत, अगली तारीख 10 अगस्त तय
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपियों के मामले पर सुनवाई हुई। इस मामले में आरोपी पुलकित आर्या व सौरभ भास्कर को निचली अदालत ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसी आजीवन कारावास की सजा को दोनों दोषियों ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी है और उसमें अपनी जमानत याचिका भी दायर की है। मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधीश रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खण्डपीठ ने दोनों दोषियों को कोई राहत नहीं दी। साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तिथि नियत की है। पीड़ित पक्ष ओर से कहा गया कि इनकी तरफ से जो केस उच्च न्यायालय में दायर किया गया है उसकी कॉपी आज तक इनके द्वारा नही दी गयी। वे किस आधार पर पीड़िता का पक्ष न्यायालय के सामने रख पाएंगे। उसकी कॉपी उन्हें दिलाई जाए। इनके द्वारा अपने बचाव के लिए कौन से तथ्य न्यायालय में रखे गए हैं। उसकी जानकारी उन्हें नही है। इसलिए शीघ्र उन्हें मेमो आफ अपील की कॉपी दिलाई जाए। कोर्ट के कहने पर आज पीड़ित पक्ष को उसकी कॉपी दी गयी। अब 10 अगस्त को मामले की सुनवाई होगी। बता दें कि इस मामले में पुलकित आर्या व सौरभ भास्कर को कोटद्वार कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसको उन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दोनों दोषियों ने उत्तराखंड हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा करने को प्रार्थना भी की है। दरअसल, पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट की अंकिता भंडारी वनंत्रा रिसोर्ट में नौकरी करती थी। रिसोर्ट के मालिक पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित ने चीला बैराज में धक्का देकर अंकिता भंडारी की हत्या कर दी थी। मामले की छानबीन के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आरोप सिद्ध होने पर निचली अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनवाई गयी थी। तब से वे जेल में बंद है।