Good Morning India: ईरान पर हमले की एआई तस्वीरें शेयर कर ट्रंप ने विरोधियों को दिया कड़ा संदेश! पीएम मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन,उत्तराखंड में कुदरत का अलर्ट, नैनीताल में सास को बाघ के जबड़े से खींच लाई बहू,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें!
नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एक फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।
ईरान पर हमले की एआई तस्वीरें शेयर कर ट्रंप ने विरोधियों को दिया कड़ा संदेश! कहा-हमारे पास गोला-बारूद की कोई कमी नहीं
पीएम मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन,सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भेजे नोटिस, हटाई गई सामग्री
खौफनाक आंकड़े: खाड़ी देशों में हर हफ्ते 3 भारतीय प्रवासियों की मौत,3 साल में 800 से ज्यादा की गई जान
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर शाह से राहुल के सवाल,जवाब में सरकार आज संसद में लाएगी पेपर लीक विरोधी सख्त संशोधन विधेयक
राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का दमदार प्रदर्शन, मीराबाई चानू का लगातार तीसरा स्वर्ण,वेटलिफ्टिंग में 3 पदक, तैराकी में चूका मेडल
सुरों के महासंग्राम में ज्योतिर्मयी नायक के सिर सजा ताज: बनीं ‘इंडियन आइडल 16’ की विनर, मिले 20 लाख रुपये
न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी पर बरसे नेतन्याहू,आईसीसी के आरोपों को बताया फर्जी,कहा-मुझे गिरफ्तार नहीं करा पाएंगे
भारत का पहला स्वदेशी पोर्टेबल एंटी-ड्रोन सिस्टम लॉन्च, 5 किमी दूर से दुश्मन के ड्रोन का करेगा शिकार
भूकंप से कांपी वेनेजुएला की धरती: 60 सेमी खिसकी जमीन,निसार उपग्रह ने किया बड़ा खुलासा
कुदरत का कहर: हिमाचल में फटा बादल,असम में बाढ़ से 68 की मौत,अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: आरोपी टिन्नू ने नकद 24 लाख देकर बेटे के नाम खरीदी थी जमीन,पुलिस अब करेगी संपत्ति जब्त
खौफनाक हादसा: हल्द्वानी में रेत के ढेर से मिला डंपर हेल्पर का शव,क्रशर पर लोडिंग के दौरान जिंदा दबा था युवक
उत्तराखंड में बारिश का रेडार तेज: देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट, अगले 3 दिन भारी बारिश के आसार
अदम्य साहस: नैनीताल में सास को बाघ के जबड़े से खींच लाई बहू, दरांती से वार कर जंगल खदेड़ा
उत्तराखंड में पर्यटन क्रांति: पटवाडांगर में बनेगी 600 करोड़ की प्रीमियम टूरिज्म सिटी, बिलकेदार में आकार लेगा पहला स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन
संकट में हिमालय: सूख रहे जलस्रोत और सिकुड़ रहे बांज के वन,जलवायु परिवर्तन से 1700 गांव बने 'भुतहा'
हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एआई से तैयार की गई तस्वीरें साझा कर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। ट्रंप द्वारा ट्रूथ सोशल पर पोस्ट की गई इन तस्वीरों में ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्क द्वीप पर लड़ाकू विमानों की बमबारी और एक ईरानी तेल टैंकर पर कब्जे जैसी घटनाएं दिखाई गई हैं। एक अन्य तस्वीर में ट्रंप स्वयं अमेरिकी झंडे वाले टैंकर पर सवार नजर आ रहे हैं। हालांकि, इन पोस्ट में कहीं भी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि तस्वीरें वास्तविक घटनाओं पर आधारित हैं या केवल प्रतीकात्मक और एआई से निर्मित कल्पनाएं हैं। इसके बावजूद इन तस्वीरों को अमेरिका की संभावित रणनीति और ईरान को दिए गए कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी हथियारों के भंडार को लेकर चल रही अटकलों पर भी ट्रंप ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। द वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने उन रिपोर्टों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के कारण अमेरिका के एयर डिफेंस मिसाइल और हथियारों का स्टॉक घट रहा है। ट्रंप ने कहा, "हमारे पास दुनिया के किसी भी देश से अधिक हथियार और गोला-बारूद हैं, जरूरत से भी ज्यादा भंडार मौजूद है।" इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने व्हाइट हाउस को इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी की जानकारी दी थी। ट्रंप ने इन सभी दावों को निराधार बताते हुए अमेरिका की सैन्य क्षमता पर पूरा भरोसा जताया।
नई दिल्ली। नीट परीक्षा को लेकर चले लंबे आंदोलन के समाप्त होने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर साझा की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो और टिप्पणियों पर सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर ऐसी सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं और निगरानी अभियान तेज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, चिन्हित अधिकांश वीडियो, पोस्ट और टिप्पणियां हटाई जा चुकी हैं। दिल्ली पुलिस की विशेष टीम सोशल मीडिया पर लगातार नजर बनाए हुए है। नई आपत्तिजनक सामग्री सामने आते ही संबंधित प्लेटफॉर्म को तत्काल नोटिस भेजकर उसे हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इस बीच, नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार के साथ बनी सहमति के आधार पर संगठन सद्भावना के साथ अपना आंदोलन वापस ले रहा है। संगठन का दावा है कि तय समयसीमा में सहमत सभी बिंदुओं को लागू किया जाएगा। सीजेपी ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने तथा भविष्य में ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं करने पर सहमति बनी है। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद के बाद मई में शुरू हुआ आंदोलन 20 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया था। 20 जुलाई को 'संसद चलो मार्च' के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, आंसू गैस और लाठीचार्ज की घटनाएं भी सामने आई थीं। वहीं, सोशल मीडिया पर जारी कार्रवाई को लेकर सीजेपी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
नई दिल्ली। विदेशों में रोजगार की तलाश में जाने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 से 2025 के बीच विदेशों में काम के दौरान 800 से अधिक भारतीय प्रवासी मजदूरों की मौत हुई है। इनमें से करीब 55 प्रतिशत मौतें खाड़ी देशों में दर्ज की गईं, जहां औसतन हर सप्ताह तीन भारतीय मजदूर अपनी जान गंवा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब सबसे अधिक प्रभावित देश रहा, जहां तीन वर्षों में 182 भारतीयों की मौत हुई। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात में 128 मौतें दर्ज की गईं। हाल ही में कतर में हुए धमाके में 12 भारतीयों की मौत के बाद प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। तेलंगाना एनआरआई माइग्रेंट्स एसोसिएशन और विशेषज्ञों के अनुसार, इन मौतों के पीछे सुरक्षा नियमों की अनदेखी, अत्यधिक गर्मी में काम, खराब कार्य परिस्थितियां और मानसिक तनाव प्रमुख कारण हैं। कई मजदूर 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में लंबे समय तक काम करने के बाद ठंडे कमरों में लौटते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती हैं। अधिकांश भारतीय कंस्ट्रक्शन, वेयरहाउस, रिटेल और ऑटोमोबाइल जैसे जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में कार्यरत हैं। एसोसिएशन का दावा है कि कई मजदूरों को 12-12 घंटे काम करने के बावजूद महीनों तक वेतन नहीं मिलता, रहने और खाने की सुविधाएं भी बेहद खराब होती हैं। कई मामलों में कंपनियां कार्यस्थल पर हुई मौतों को प्राकृतिक मृत्यु बताकर जिम्मेदारी से बच निकलती हैं और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल पाता।
नई दिल्ली। संसद के दूसरे सप्ताह में छात्रों पर कथित पुलिस बलप्रयोग और पेपर लीक रोकने के लिए लाए जा रहे सख्त कानून को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आने वाले हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल पर जवाब मांगा है। राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है और सरकार का दायित्व है कि वह प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या युवाओं के खिलाफ पैलेट गन जैसे घातक बल प्रयोग को गृह मंत्रालय की मंजूरी प्राप्त थी। साथ ही छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और छात्र साहिल लोचब के पैलेट गन से घायल होने के दावों का भी उल्लेख करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की। उधर, सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक पर शिकंजा कसने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 लोकसभा में पेश करेगी। प्रस्तावित कानून के तहत संगठित पेपर लीक के मामलों में सजा 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष और जुर्माना ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ तक किया जाएगा। गैर-संगठित अपराधों में भी सजा और जुर्माने में बड़ा इजाफा किया गया है। विधेयक में जांच दो माह के भीतर पूरी करने और विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों में आरोपपत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर फैसला सुनाने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में संसद में छात्र आंदोलन और नए कानून दोनों पर तीखी बहस होने के आसार हैं।
ग्लास्गो। राष्ट्रमंडल खेलों के चौथे दिन भारतीय भारोत्तोलकों (वेटलिफ्टर्स) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को एक स्वर्ण और दो रजत पदक दिलाए। स्टार वेटलिफ्टर और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। मीराबाई ने कुल 190 किग्रा (स्नैच 85 किग्रा + क्लीन एवं जर्क 105 किग्रा) वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों के कई रिकॉर्ड तोड़े। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 22 किग्रा के बड़े अंतर से पछाड़कर मौजूदा खेलों में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। वहीं, पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में मणिपुर के ऋषिकांता सिंह ने घुटने की चोट से जूझने के बावजूद 264 किग्रा वजन उठाकर ऐतिहासिक रजत पदक अपने नाम किया। स्नैच में 121 किग्रा वजन उठाकर उन्होंने खेलों के रिकॉर्ड की बराबरी भी की। भारोत्तोलन में ही आर. मुथुपांडी ने भी अपनी ताकत का लोहा मनवाया और कुल 286 किग्रा वजन उठाकर भारत की झोली में दूसरा रजत पदक डाला। हालांकि, अन्य खेलों में भारत के लिए मिला-जुला दिन रहा। तैराकी की पुरुषों की 4x200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम फाइनल तक तो पहुंची, लेकिन पदक की रेस में छठे स्थान पर रहकर आस टूट गई। मुक्केबाजी में आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा) को कड़े मुकाबले में 2-3 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि लॉन बॉल और आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक में भी निराशा ही हाथ लगी।
मुंबई। देश के लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ को आखिरकार अपना विजेता मिल गया। रविवार को आयोजित भव्य ग्रैंड फिनाले में ज्योतिर्मयी नायक ने शानदार गायकी के दम पर खिताब अपने नाम कर लिया। जीत के साथ उन्हें ट्रॉफी के अलावा ₹20 लाख का नकद पुरस्कार भी दिया गया।इस सीजन के टॉप-3 फाइनलिस्ट ज्योतिर्मयी नायक, तनिष्क शुक्ला और मनराज वीर सिंह रहे। अंतिम मुकाबले में ज्योतिर्मयी ने बाजी मारते हुए विजेता बनने का गौरव हासिल किया। तनिष्क शुक्ला पहले रनर-अप और मनराज वीर सिंह दूसरे रनर-अप रहे। दोनों को ₹5-5 लाख का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। ग्रैंड फिनाले में जज के रूप में बादशाह, कुमार सानू और श्रेया घोषाल मौजूद रहे, जबकि विशाल ददलानी स्वास्थ्य कारणों से स्टूडियो नहीं पहुंच सके और वीडियो कॉल के जरिए शो से जुड़े। अभिनेत्री शहनाज गिल ने स्पेशल गेस्ट के रूप में कार्यक्रम में शिरकत कर प्रतियोगियों का उत्साह बढ़ाया। वहीं, मशहूर गायिका उषा उत्थुप और कुमार सानू की प्रस्तुतियों ने फिनाले को यादगार बना दिया। 'यादों की प्लेलिस्ट' थीम पर आधारित यह सीजन अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था और 26 जुलाई 2026 को संपन्न हुआ। दो दिन तक चले ग्रैंड फिनाले के पहले दिन सेलिब्रिटी परफॉर्मेंस और जश्न का माहौल रहा, जबकि दूसरे दिन विजेता का ऐलान किया गया। शानदार प्रतिभा और दमदार प्रस्तुतियों के साथ ज्योतिर्मयी नायक ने लाखों दर्शकों का दिल जीतते हुए इस सीजन का ताज अपने नाम कर लिया।
न्यूयॉर्क। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह उन्हें गिरफ्तार नहीं करा पाएंगे और सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभामें हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क जरूर जाएंगे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) की ओर से लगाए गए युद्ध अपराधों के आरोपों को भी पूरी तरह "फर्जी" करार दिया। विवाद तब शुरू हुआ जब ममदानी ने कहा था कि यदि नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने न्यूयॉर्क आते हैं तो उन्हें आईसीसी के गिरफ्तारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हालांकि, बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि न्यूयॉर्क शहर के पास ऐसा करने का कानूनी अधिकार नहीं है और इस संबंध में संघीय सरकार से कार्रवाई की अपील की थी। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि एक मेयर का दायित्व सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व करना होता है, लेकिन ममदानी एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका में इस्राइल को मिलने वाला पारंपरिक द्विदलीय समर्थन कमजोर पड़ रहा है और यहूदी विरोधी घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है। गौरतलब है कि गाजा युद्ध के दौरान आईसीसी ने नेतन्याहू पर युद्ध अपराधों के आरोप लगाए थे, जिन्हें उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। उनका दावा है कि अदालत के शीर्ष अभियोजक पर लगे आरोपों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि गिरफ्तारी वारंट केवल ध्यान भटकाने की कोशिश थी। इस बयान के बाद एक बार फिर इस्राइल, आईसीसी और अमेरिकी राजनीति के बीच विवाद गहरा गया।
नई दिल्ली। करगिल विजय दिवस के अवसर पर रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी जेन टेक्नोलॉजीज ने भारत का पहला स्वदेशी हाई-एल्टीट्यूड मैन-पोर्टेबल एंटी-ड्रोन सिस्टम लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह अत्याधुनिक प्रणाली पहाड़ी और दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में दुश्मन के ड्रोन का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है। आधुनिक युद्ध में ड्रोन के बढ़ते खतरे को देखते हुए विकसित किए गए इस सिस्टम को भारतीय सेना की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि सैनिक इसे अपने साथ आसानी से ले जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर इसे ऑल-टेरेन व्हीकल, मानवरहित जमीनी वाहन या बोझा ढोने वाले जानवरों के जरिए भी दुर्गम इलाकों तक पहुंचाया जा सकता है। कंपनी के अनुसार, यह सिस्टम 400 मेगाहर्ट्ज से 6 गीगाहर्ट्ज तक की रेडियो फ्रीक्वेंसी स्कैन कर 5 किलोमीटर दूर तक ड्रोन की पहचान कर सकता है। वहीं 3 किलोमीटर की दूरी तक ड्रोन के कंट्रोल और जीएनएसएस सिग्नलों को बाधित कर उसे निष्क्रिय करने की क्षमता भी रखता है। यह एक साथ कई ड्रोन और ड्रोन स्वॉर्म की पहचान कर हर मौसम और दिन-रात प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। रेडियो फ्रीक्वेंसी आधारित डिटेक्शन तकनीक और डेटा फ्यूजन कमांड सेंटर से लैस यह प्रणाली सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को त्वरित निगरानी और जवाबी कार्रवाई में मदद करेगी। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्वदेशी तकनीक भारत की सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
नई दिल्ली। नासा और इसरो के संयुक्त उपग्रह निसार ने वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उपग्रह से मिले आंकड़ों के अनुसार, 24 जून को आए भूकंप के बाद राजधानी कराकस और ला गुएरा क्षेत्र में जमीन करीब 60 सेंटीमीटर (दो फीट) तक खिसक गई। इस डेटा का पहली बार बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग किया गया है। नासा के मुताबिक, निसार की 'अर्जेंट रिस्पॉन्स' प्रणाली ने 12 से 24 घंटे के भीतर प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत नक्शा तैयार कर आपदा प्रबंधन एजेंसियों को उपलब्ध कराया। वैज्ञानिकों ने 13 और 18 जून की उपग्रह तस्वीरों की तुलना 25 और 30 जून की तस्वीरों से की, जिससे भूकंप के बाद जमीन में हुए बड़े बदलाव स्पष्ट रूप से सामने आए। विशेषज्ञों के अनुसार, यह भूकंप स्ट्राइक-स्लिप फॉल्ट पर आया था, जिसके कारण जमीन में पूर्व-पश्चिम दिशा में बड़ा क्षैतिज बदलाव दर्ज हुआ। कराकस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दक्षिण में सबसे अधिक 60 सेंटीमीटर का खिसकाव पाया गया। नासा के वैज्ञानिक एरिक फील्डिंग ने बताया कि इसी वजह से नुकसान अधिक गंभीर रहा। निसार उपग्रह अत्याधुनिक रडार इंटरफेरोमेट्री तकनीक से लैस है, जो जमीन में सूक्ष्म बदलावों का भी सटीक आकलन कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक से भविष्य में भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के बाद त्वरित राहत, सटीक क्षति आकलन और बेहतर आपदा प्रबंधन में बड़ी मदद मिलेगी।
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, असम और गुजरात में बाढ़ तथा कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी में बादल फटने से एक पुल और सड़क बह गई, जिससे सात गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया। वहीं, असम में बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं और अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से फोन पर स्थिति की जानकारी ली। सोनोवाल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उधर, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। राज्य में अब तक 35 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र डिप्रेशन में बदल गया है और इसके अगले 24 घंटों में उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तट से टकराने की संभावना है। इसके प्रभाव से 29 जुलाई तक ओडिशा के सुंदरगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि उसने अपने बेटे रवि यादव के नाम खरीदी गई जमीन के लिए विक्रेता को ₹24 लाख नकद और करीब ₹9 लाख बैंक खाते के माध्यम से भुगतान किया था। पुलिस को आशंका है कि नकद दी गई राशि चढ़ावे की चोरी से जुड़ी हो सकती है। इसी आधार पर अब संबंधित जमीन को जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, जेल में बंद टिन्नू यादव और अन्य आरोपियों की संपत्तियों की गहन जांच की जा रही है। कस्टडी रिमांड के दौरान हुई पूछताछ और तहसील से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर सहादतगंज क्षेत्र में करीब एक वर्ष पहले खरीदी गई इस जमीन का पता चला। जांच में सामने आया कि जमीन की खरीद का बड़ा हिस्सा नकद में चुकाया गया था। बताया जा रहा है कि यह जमीन भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के करीबी पारिवारिक सदस्य से खरीदी गई थी। पुलिस ने कस्टडी रिमांड के दौरान जमीन बेचने वालों से भी पूछताछ कर भुगतान और सौदे से जुड़े दस्तावेजों की जांच की है। सूत्रों के मुताबिक, जमीन की मौजूदा बाजार कीमत करीब ₹50 लाख आंकी जा रही है, जबकि दस्तावेजों में इसकी कीमत लगभग ₹35 लाख दर्ज है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकद भुगतान का स्रोत क्या था। यदि जांच में चोरी के चढ़ावे से धनराशि जुड़े होने की पुष्टि होती है, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति जब्त की जा सकती है।
आइए अब नज़र डालते हैं उत्तराखंड की ख़बरों पर-देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इन जिलों में तेज बारिश, गर्जन, आकाशीय बिजली और अत्यधिक तीव्र वर्षा के दौर पड़ने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। हरिद्वार जिले में भी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है। रविवार को देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर धूप और बादलों की आंख-मिचौनी के बीच उमस बनी रही, लेकिन शाम को हुई झमाझम बारिश से लोगों को राहत मिली। पर्वतीय इलाकों में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा बना हुआ है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, संवेदनशील मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन ने भी आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
हल्द्वानी। नैनीताल जिले के हल्द्वानी-चौफुला-कठघरिया मार्ग पर रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब सड़क निर्माण कार्य के दौरान रेत के ढेर से एक युवक का शव बरामद हुआ। मजदूर जैसे ही निर्माण के लिए रेत हटाने लगे, उन्हें ढेर में दबा हुआ सिर और हाथ दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान जयपुर बीसा, लालकुआं निवासी 30 वर्षीय पवन सिंह, पुत्र मदन सिंह, के रूप में हुई। वह एक डंपर में हेल्पर के तौर पर कार्य करता था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, रविवार सुबह पवन चालक के साथ गोरापड़ाव स्थित क्रशर पर रेत लोड कराने गया था। बताया जा रहा है कि चालक भोजन करने के लिए बाहर रुका, जबकि पवन डंपर के भीतर रेत निकलने वाली जगह पर कट्टे लगा रहा था। इसी दौरान जेसीबी से ऊपर से रेत डाल दी गई, जिससे वह रेत के नीचे दब गया। सूत्रों के मुताबिक, चालक को पवन के दबने की जानकारी नहीं लगी और वह रेत से भरा डंपर लेकर कठघरिया निर्माण स्थल पहुंच गया। जब मजदूरों ने रेत खाली करनी शुरू की, तब उसमें दबा पवन का शव मिला। देर शाम परिजनों ने शव की पहचान की। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि डंपर स्वामी, क्रशर मालिक और रेत भरने वाले जेसीबी चालक से पूछताछ की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रामनगर। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र में एक बहू ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बाघ के हमले से अपनी सास की जान बचा ली। रविवार सुबह मोहान क्षेत्र के कुनखेत गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके में बहू की बहादुरी की चर्चा छेड़ दी है। जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय बसंती देवी अपनी बहू मोहनी देवी के साथ घर से करीब 200 मीटर दूर एक रिसोर्ट के पास घास काटने गई थीं। बसंती देवी घास काट रही थीं, जबकि मोहनी घास एकत्र कर रही थीं। तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक बसंती देवी पर हमला कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया। सास को बाघ के चंगुल में फंसा देख मोहनी देवी ने बिना घबराए जोर-जोर से शोर मचाया और हाथ में मौजूद दरांती से बाघ पर लगातार वार कर दिए। बहू के साहसिक प्रतिरोध से बाघ बसंती देवी को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। हमले में बसंती देवी के सिर और माथे पर गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में मोहनी उन्हें सहारा देकर गांव तक लाई, जिसके बाद परिजन उन्हें रामनगर के राजकीय संयुक्त चिकित्सालय ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया और फिलहाल उनका इलाज काशीपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। वन विभाग ने हमलावर बाघ की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास कैमरे लगा दिए हैं और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। ग्रामीणों से जंगल के आसपास विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार राज्य को उच्चस्तरीय और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। नैनीताल जिले के पटवाडांगर में इंटीग्रेटेड प्रीमियम टूरिज्म सिटी विकसित की जाएगी, जबकि श्रीनगर तहसील के बिलकेदार को राज्य का पहला स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से पर्यटन को नई गति मिलने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है। सरकार ने पटवाडांगर परियोजना की जिम्मेदारी उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड को सौंपी है। लगभग 80 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस परियोजना में करीब ₹600 करोड़ के निवेश की संभावना जताई गई है। यहां चार और पांच सितारा होटल, रिसॉर्ट, स्पा एवं वेलनेस सेंटर, कॉन्फ्रेंस और कन्वेंशन सेंटर, प्रीमियम रेस्टोरेंट, बुटीक होटल, विला, कॉटेज, एडवेंचर और नेचर टूरिज्म सुविधाओं सहित आधुनिक पर्यटन अवसंरचना विकसित की जाएगी। वहीं, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से जुड़े क्षेत्रों को आध्यात्मिक पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना के तहत बिलकेदार में पहले स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के लिए मास्टर प्लान और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी का कार्य तेज कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से निजी निवेश आकर्षित होगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और उत्तराखंड राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रीमियम तथा आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में नई पहचान बनाएगा।
देहरादून। मध्य हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन का खौफनाक असर अब पर्यावरण से लेकर आम जनजीवन पर साफ दिखने लगा है। मिजोरम विश्वविद्यालय के प्रो. विश्वंभर प्रसाद सती के हालिया अध्ययन में सामने आया है कि तेजी से बदलते मौसम के कारण उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों से 20 प्रतिशत से अधिक आबादी पलायन कर चुकी है और 1,700 से अधिक गांव 'भुतहा' (वीरान) बन चुके हैं। अध्ययन के मुताबिक, पारंपरिक जलस्रोत तेजी से सूख रहे हैं। भूमि बंजर होने से भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। कृषि और बागवानी पर पड़ी मार के कारण निचले इलाकों से सेब और खट्टे फलों की खेती लगभग गायब हो चुकी है। वहीं, बढ़ता तापमान वनस्पतियों का संतुलन बिगाड़ रहा है बांज के वन सिकुड़ रहे हैं और चीड़ के जंगल ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर फैल रहे हैं। अलकनंदा और भागीरथी घाटियों में पिछले तीन दशकों में हिमावरण (स्नो कवर) में भारी कमी आई है और हिमनद (ग्लेशियर) तेजी से पिघल रहे हैं। बारिश का अनिश्चित पैटर्न और चरम मौसम के कारण बादल फटने, भूस्खलन और हिमनद झील फटने की घटनाएं आम हो गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से 2022 के बीच राज्य में 200 से अधिक प्राकृतिक आपदाएं दर्ज की गईं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते हिमालयी पर्यावरण को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इसके परिणाम और अधिक भयावह हो सकते हैं।
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