Oct 04, 2026 Login

एशियाड का भव्य समापनः नीरू ढांडा ने तिरंगा थामकर बढ़ाया भारत का मान! 85 पदकों के साथ विदा हुआ भारतीय दल, 2030 के लिए दोहा को मिली मेजबानी

Grand Conclusion of the Asiad: Neeru Dhanda held the Tricolour high, bringing honour to India! The Indian contingent signed off with 85 medals, while Doha was awarded the hosting rights for 2030.

नई दिल्ली। जापान के आइची-नागोया में 16 दिनों तक चले एशियाई खेलों का भव्य समापन हो गया। नागोया में आयोजित समापन समारोह के साथ ही एशियाई खेल 2026 का आधिकारिक रूप से पर्दा गिर गया। रंगारंग कार्यक्रमों के बीच भारतीय दल ने भी पूरे उत्साह के साथ क्लोजिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया। भारत की महिला ध्वजवाहक और स्टार निशानेबाज नीरू ढांडा हाथ में तिरंगा लेकर समापन समारोह में पहुंचीं और पूरे उत्साह के साथ राष्ट्रीय ध्वज लहराकर देश का गौरव बढ़ाया। तिरंगा थामे नीरू के चेहरे पर एशियाड में शानदार प्रदर्शन की खुशी साफ नजर आई। नीरू ढांडा के लिए यह एशियाई खेल बेहद खास और यादगार रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया। उनके तीसरे पदक के रूप में नीरू ने किनान चेनाई के साथ ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। प्रतियोगिता के दौरान शानदार प्रदर्शन करने के बाद नीरू स्वदेश लौट गई थीं, लेकिन समापन समारोह में भारतीय दल की महिला ध्वजवाहक की जिम्मेदारी निभाने के लिए शनिवार सुबह दोबारा नागोया पहुंचीं। समापन समारोह में सबसे खास क्षणों में से एक वह रहा, जब नीरू ढांडा हाथ में तिरंगा लेकर स्टेडियम में पहुंचीं। उन्होंने पूरे उत्साह के साथ राष्ट्रीय ध्वज लहराया। उनके साथ भारतीय दल के अन्य सदस्य भी समारोह में शामिल हुए। शुरुआत में समारोह में भारतीय दल के बीच अधिकतर सपोर्ट स्टाफ नजर आया, लेकिन धीरे-धीरे भारतीय खिलाड़ी भी क्लोजिंग सेरेमनी में शामिल होते दिखाई दिए। कई खिलाड़ी अपनी-अपनी स्पर्धाएं पूरी होने के बाद पहले ही स्वदेश लौट चुके थे। भारतीय महिला हॉकी टीम भी रविवार को भारत वापस लौट गई थी। इसके बावजूद समापन समारोह में मौजूद भारतीय खिलाड़ियों और अधिकारियों ने पूरे उत्साह के साथ 16 दिनों के खेल महाकुंभ को विदाई दी।

85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर भारत
आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय दल ने कुल 85 पदक अपने नाम किए। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा और लगातार एक और एशियाई खेलों में शीर्ष पांच देशों में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहा। भारत के लिए एशियाड का अंतिम स्वर्ण पदक पुरुष हॉकी टीम ने दिलाया। शनिवार को खेले गए पुरुष हॉकी फाइनल में भारत ने मलयेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय दल के पदकों की संख्या 85 तक पहुंच गई। हालांकि, पदकों के लिहाज से भारत का प्रदर्शन 2022 के हांगझोउ एशियाई खेलों की तुलना में कम रहा। हांगझोउ में भारतीय दल ने रिकॉर्ड 106 पदक जीते थे, जिनमें 28 स्वर्ण शामिल थे। इस बार भारत के खाते में कुल पदक 21 कम रहे, जबकि स्वर्ण पदकों की संख्या में सात की कमी आई। इसके बावजूद भारतीय दल ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया और अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। खास तौर पर हॉकी, निशानेबाजी, एथलेटिक्स, कबड्डी और अन्य स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने यादगार प्रदर्शन किया।

दोहा को मिली 2030 एशियाई खेलों की मेजबानी
समापन समारोह के दौरान अगले एशियाई खेलों की मेजबानी की जिम्मेदारी भी औपचारिक रूप से सौंपी गई। समारोह के अंतिम चरण में आइची-नागोया से दोहा, कतर को एशियाई खेलों की मेजबानी की कमान सौंपी गई। कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी को झंडा और मशाल सौंपी गई। इसके साथ ही कतर का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। अब एशियाई खेलों का अगला संस्करण 2030 में दोहा में आयोजित होगा। नागोया में 16 दिनों तक चले खेलों के अंतिम जश्न के साथ एशियाई खेल 2026 का सफर समाप्त हो गया और खेल जगत की नजरें अब दोहा में होने वाले अगले एशियाड पर टिक गई हैं।