Good Morning India: होर्मुज में फिर बढ़ा जंग का खतरा, ट्रंप ने कही बड़ी बात! हंता वायरस ने बढ़ाई टेंशन, WHO ने कई देशों को किया अलर्ट! मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, आगजनी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट! उत्तराखण्ड समेत देश के 12 राज्यों में मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट
नमस्कार दोस्तों, आवाज 24X7 अपना खास कॉलम "गुड मॉर्निंग इंडिया" लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का गुरुग्राम दौरा है। वहीं आज आईपीएल में दिल्ली और कोलकाता के बीच मुकाबला होगा।
अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, अमेरिका-ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर बात बनने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके 3 वर्ल्ड क्लास अमेरिकी विध्वंसक पोत, भारी गोलाबारी के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कामयाबी से निकल गए हैं। उनके तीनों विध्वंसक पोतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन इस दौरान ईरानी हमलावरों को भारी क्षति हुई है। डोनाल्ड ट्रंप के पोस्ट के मुताबिक, ईरान की कई छोटी बोट्स पूरी तरह से तबाह हो गई हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान की तबाह हो चुकी नौसेना की जगह लेने के लिए किया जा रहा था। ये बोट्स समुद्र की गहराई में डूब गई हैं। अमेरिका के विध्वंसक पोतों पर उन्होंने मिसाइलें दागी थीं, लेकिन उन्हें आसानी से मार गिराया गया। ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि इसी प्रकार, ईरान के ड्रोन आए और हवा में ही जलकर राख बन गए। वे समंदर में इतनी खूबसूरती से गिरे, मानो कोई तितली अपनी कब्र में गिर रही हो। हालांकि, अगर कोई दूसरा सामान्य देश होता तो, इन विध्वंसक पोतों को वहां से गुजरने देता, लेकिन ईरान कोई सामान्य देश नहीं है।
इधर चीन ने अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा देकर हड़कंप मचा दिया है। यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आदेश पर हुई है। इन दोनों रक्षा मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी पाया गया था। उसके बाद यह कार्रवाई की गई है। चीन ने अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों वी फेंघे और ली शांगफू को भ्रष्टाचार के मामले में मौत की यह कड़ी सजा दी है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार दोनों पूर्व रक्षा मंत्रियों को अलग-अलग सजा दी गई। चीन की एक अदालत फेंघे को रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराया था। वहीं पूर्व रक्षा मंत्री शांगफू को रिश्वत लेने और देने दोनों के मामले में गुनाहगार सिद्ध किया गया था। इसके बाद अब दोनों पूर्व मंत्रियों को इस मामले में मौत की सजा दी गई है। बता दें कि फेंघे के बाद ली शांगफू रक्षामंत्री बनाए गए थे, लेकिन बाद में वह भी भ्रष्टाचार के लपेटे में आ गए और उन्हें 2024 में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
उधर देशभर में मौसम का मिजाज बदला-बदला हुआ है। आईएमडी के अनुसार, 10 से 13 मई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड में 11 से 13 मई के दौरान बारिश और तेज हवाओं का नया दौर शुरू हो सकता है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी कई जगह भारी बारिश का अनुमान है। IMD के अनुसार, दक्षिण भारत में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले 6-7 दिनों तक कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज तूफानी हवाएं चल सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान और गुजरात में 9 से 13 मई के दौरान लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
इधर अटलांटिक महासागर की ट्रिप के लिए 147 यात्रियों और क्रू मेंबर्स को लेकर निकले लग्जरी क्रूज शिप में हंता वायरस के केस पाए गए हैं। WHO के मुताबिक, अब तक इसके संक्रमण के चलते तीन लोगों की जान जा चुकी है। प्रभावित लोगों में बुखार, पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं, निमोनिया का तेजी से फैलना और एक्यूट रेस्पिरेटरी सिन्ड्रोम एंड शॉक जैसे लक्षण पाए गए हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के अनुसार, फिलहाल क्रूज पर ही प्रभावित लोगों को आइसोलेट कर उनका इलाज किया जा रहा है। लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये मनुष्यों तक पहुंचा कैसे? जानकारों के मुताबिक मनुष्यों में हंता वायरस तब पहुंचता है, जब व्यक्ति प्रभावित रोडन्ट (चूहे, गिलहरी जैसे कुतरने वाले जीव) के पेशाब, अपशिष्ट या थूक के संपर्क में आता है। एक से दूसरे मनुष्य में इस वायरस के पहुंचने के मामले बहुत ही कम पाए गए हैं। इसका सबसे पहला केस साल 1996 में सामने आया था। जांच पर खुलासा हुआ था कि इसकी वजह हंता वायरस के एक प्रकार एंडीज वायरस का फैलना था। यही वो स्पीशीज है, जो मनुष्यों से मनुष्यों में संक्रमण को पहुंचाने का काम करती है। फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि आखिर क्रूज पर इस वायरस के फैलने का जरिया क्या रहा। सीडीसी के अनुसार, हंता वायरस से मुख्य रूप से दो तरह के सिन्ड्रोम होते हैं, हंता वायरस पल्मोनरी सिन्ड्रोम और हेमोरेजिक फीवर विद रेनल सिन्ड्रोम। इन दोनों के ही शरीर में अलग-अलग तरह के लक्षण दिखाई देते हैं। आमतौर पर एचपीएस के लक्षण वायरस के संपर्क में आने के दो से चार सप्ताह के बीच में नजर आते हैं। हालांकि, कुछ मामलों में ये एक सप्ताह में ही या आठ सप्ताह बाद भी सामने उभरकर आ सकते हैं।
उधर पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। म्यांमार सीमा से सटे कामजोंग जिले के कई गांवों पर बुधवार तड़के ड्रोन हमले का दावा किया गया। उग्रवादियों के इस हमले में कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया। हमले में एक महिला घायल हुई है और दो ग्रामीण लापता हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हमला रात करीब दो बजे नामली मार्केट और चोरो गांव के आसपास हुआ। आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने ड्रोन का इस्तेमाल कर विस्फोटक गिराए और इसके बाद गांवों में आगजनी की। कुछ रिपोर्टों में म्यांमार आधारित उग्रवादी संगठन केएनए-बी (कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा) का नाम भी सामने आया है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, हमले के बाद कई ग्रामीण जान बचाने के लिए जंगलों और सुरक्षित इलाकों की ओर भाग गए। इसके बाद सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है और पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों में हाल के महीनों में ड्रोन और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की आशंका पहले भी जताई जाती रही है। ऐसे में इस हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है।
अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला बदला रहेगा। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से कई जिलों में गरज के साथ बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। वहीं तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सचेत रहने की अपील की है। वहीं बारिश होने से तापमान में गिरावट के साथ ही लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। झोंकेदार हवाएं लोगों की परेशानियां बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक आज राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपद में कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश गरज के साथ हो सकती है। वहीं 3600 मीटर व उससे अधिक ऊं चाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। जबकि राज्य के शेष जनपदों में कहीं-कहीं हल्की बारिश गरज के साथ होने का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तराखंड के मैदानी जनपदों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। राज्य के सभी पर्वतीय जनपदों मे कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, झोंकेदार हवाएं (30- 40 किमी) प्रतिघंटा चलने की संभावना है। जिसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।