उत्तराखण्ड में एक और बड़ा हादसाः गंगा में समाई पर्यटकों से भरी कार! दो शव बरामद, अन्य की तलाश में चला सर्च ऑपरेशन
टिहरी। देवप्रयाग ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। थाना देवप्रयाग क्षेत्र के चकासा स्थित गंगा होटल दर्शन के समीप एक इनोवा कार अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी और सीधे गंगा नदी में समा गई। हादसा इतना भयावह था कि सड़क किनारे लगा मजबूत क्रैश बैरियर भी वाहन को रोक नहीं सका। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राजस्व विभाग और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, इनोवा वाहन संख्या यूके 08 टीए 5433 ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चकासा क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी अचानक वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते वाहन सड़क से नीचे लुढ़कता हुआ करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गया और फिर तेज बहाव वाली गंगा नदी में समा गया। हादसे की जानकारी मिलते ही थाना देवप्रयाग पुलिस टीम और संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की श्रीनगर, ब्यासी और ढालवाला इकाइयों से तीन विशेष टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से नदी किनारे और दुर्घटनास्थल के आसपास व्यापक सर्च अभियान शुरू किया। प्राथमिक रेस्क्यू अभियान के दौरान राहत दलों ने एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को सुरक्षित निकाल लिया। घायल को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं सर्चिंग के दौरान दो व्यक्तियों के शव भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल शवों की पहचान और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
राजस्थान के बताए जा रहे हैं वाहन सवार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन में सवार लोग राजस्थान राज्य के निवासी बताए जा रहे हैं। हालांकि वाहन में कुल कितने लोग सवार थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। प्रशासन और पुलिस टीम यात्रियों की संख्या तथा उनकी पहचान से संबंधित जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
नदी किनारे चल रहा व्यापक खोज अभियान
चूंकि वाहन गंगा नदी में समा गया था और नदी का बहाव भी काफी तेज है, इसलिए अन्य संभावित लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और पुलिस द्वारा नदी तटों, किनारों और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक खोज अभियान चलाया जा रहा है। रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों और विशेष तकनीकों की मदद से तलाश अभियान में जुटी हुई है।