Oct 01, 2026 Login

मनमानी या अवहेलनाः तबादला आदेश के महीनों बाद भी लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गिरी ने नहीं छोड़ा पद! स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

Arbitrariness or Defiance: Dr. Monika Giri, a gynecologist at the Lohaghat Sub-District Hospital, has not vacated her post even months after the transfer order! Questions raised regarding the Health

लोहाघाट। इसे सरकारी आदेशों की अवहेलना कहें या फिर मनमानी, जो भी हो लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गिरी तबादला होने के बावजूद अपना पद छोड़ने को तैयार नहीं है। शासन की ओर से 30 जून 2026 को जारी तबादला आदेश में डॉ. मोनिका गिरी का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शक्तिफार्म, ऊधम सिंह नगर किया गया था, लेकिन आदेश जारी होने के बाद भी वह लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में ही तैनात हैं। ऐसे में एक ओर जहां शासन के तबादला आदेश के अनुपालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है। शासन के आदेश के मुताबिक डॉ. मोनिका गिरी को लोहाघाट से स्थानांतरित कर शक्तिफार्म भेजा गया था। सामान्य तौर पर तबादला आदेश जारी होने के बाद संबंधित कर्मचारी या अधिकारी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होता है। लेकिन आरोप है कि तबादला आदेश जारी होने के महीनों बाद भी डॉ. गिरी ने लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में अपना पद नहीं छोड़ा है। इसको लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर जारी है।

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि डॉ. मोनिका गिरी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण वह तबादले के बावजूद पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इधर इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि मामले की जानकारी होने के बावजूद विभागीय स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। खासतौर पर सीएमओ स्तर से भी इस मामले में कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि सरकारी डॉक्टरों के तबादले के बाद नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने या आदेश के बावजूद पुरानी जगह पर बने रहने की स्थिति में उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम, 2017 और संबंधित विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे मामलों में शासनादेश के अनुपालन और विभागीय अनुशासन को महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि लोहाघाट के इस मामले में अब सवाल सिर्फ एक चिकित्सक के तबादले का नहीं, बल्कि शासन के आदेशों के अनुपालन और स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही का भी बन गया है। इधर डॉ. मोनिका गिरी के व्यवहार को लेकर उप जिला चिकित्सालय में कार्यरत कर्मचारियों की ओर से पहले भी सवाल उठाए जाने की बात सामने आ रही है।