Good Morning India: टल गई बैंकों की हड़ताल, रविवार देर रात लिया बड़ा फैसला! कोहली ने खेली एक और विराट पारी, रन चेज में रिकी पोंटिंग को पछाड़ा! उत्तराखण्ड समेत कई राज्यों में आज भी मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट
नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं। आज सुप्रीम कोर्ट में यूपीआई पर एमडीआर शुल्क के खिलाफ सुनवाई होगी। वहीं सीईसी के खिलाफ आज कांग्रेस प्रदर्शन करेगी।
अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, बैंको की हड़ताल को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। आज 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल टल गई है। देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने किया था। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच रविवार रात हुई बातचीत के बाद प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने का फैसला हुआ। बातचीत में सबसे अहम सहमति 5-डे बैंकिंग वीक की मांग को लेकर बनी। इस मुद्दे पर तुरंत एक हाई-लेवल कमेटी बनाने पर सहमति हुई है। इसके बाद UFBU ने अपनी दूसरी प्रस्तावित गतिविधियों को भी फिलहाल टाल दिया है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच सिर्फ 5-डे बैंकिंग वीक पर ही बात नहीं हुई। दोनों पक्षों ने Scale IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम पर भी चर्चा करने पर सहमति जताई है। इंडियन बैंक एसोसिएशन इस योजना में बदलाव का प्रस्ताव सरकार के सामने रखेगा। इसका उद्देश्य यूनियनों की ओर से उठाई गई आपत्तियों को दूर करना है।
इधर जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) की छात्रा से रेप के दावे का बाद छात्रों का प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि पुलिस को उसे रोकने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा। छात्रों ने 20 घंटों तक जालंधर-फागवाड़ा हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अब हालात काबू में हैं और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के छात्र अपने-अपने घर को लौटने लगे हैं। दरअसल, बढ़ते हुए उग्र प्रदर्शन को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने 10 दिन के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड कर दी हैं। ऐसे में छात्र अपने घर को लौट रहे हैं। छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर 27वीं बटालियन की कमांडेंट गुरमीत कौर ने कहा कि हमने पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक दरांती और एक वॉकी-टॉकी बरामद की गई है। अब उन्हें हिरासत में लिया गया है।
उधर दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। फरीदाबाद में 250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची की मौत हो गई है। उसे बचाने के लिए 10 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला था और सोमवार सुबह करीब 4 बजे उसे बोरवेल से निकाला भी गया, लेकिन जब उसे हॉस्पिटल लेकर गए तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि करीब 10 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्ची नेहा को सोमवार सुबह करीब 4 बजे बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया था। जब उसे बाहर निकाला गया तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। बच्ची को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार रविवार शाम ट्रैक्टर पर खेलते समय बच्ची का पैर फिसला और वह खुले बोरवेल में जा गिरी थी। सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था। अंधेरा होने के कारण बोरवेल के आसपास लाइटें लगाई गईं थीं और कैमरा अंदर भेजा गया था। बच्ची के पिता रामदीन ने बताया कि जिस समय ये हादसा हुआ, उस वक्त वह काम पर गए हुए थे। उन्हें ग्रामीणों से इस हादसे के बारे में पता चला। रामदीन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के निवासी हैं। वह कई सालों से सीही गांव में रह रहे हैं और मजदूरी करते हैं। परिवार में पत्नी और बच्चे हैं।
इधर सितंबर के आखिरी दिनों में देश के कई हिस्सों में बादल बरस रहे हैं। मौसम विभाग ने आज, 28 सितंबर को कई राज्यों में बारिश और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में खास सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि कुछ जिलों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। मौसम में इस बदलाव के पीछे दक्षिणी म्यांमार के तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र भी एक वजह है। यह सिस्टम 27 सितंबर को बना और अगले 24 घंटे में उत्तरी अंडमान सागर एवं म्यांमार के इरावदी डेल्टा की तरफ बढ़ सकता है। इसके बाद इसके म्यांमार-बांग्लादेश तट के समानांतर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात और महाराष्ट्र समेत दक्षिण भारत के कई हिस्सों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
उधर तिरुवंतपुरम में हुए पहले वनडे मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। वेस्टइंडीज ने भारत को 296 रनों का टारगेट दिया था, जिसे भारतीय टीम ने विराट कोहली और शुभमन गिल की शानदार शतकीय पारियों के दम पर आसानी से हासिल कर लिया। इस मैच में विराट कोहली ने आतिशी बल्लेबाजी की और सिर्फ 88 गेंदों में 10 चौकों और 9 छक्कों की मदद से ताबड़तोड़ 139 रन बनाए। मैच विनिंग पारी खेलकर विराट कोहली ने एक खास रिकॉर्ड लिस्ट में रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ दिया है। अब तक जिन वनडे मैचों में भारत ने रन चेज करते हुए जीत दर्ज की है, उनमें विराट कोहली 112 बार टीम का हिस्सा रहे हैं, जबकि पोंटिंग अपनी टीम के लिए ऐसा 111 बार ही कर पाए थे। इस मामले में सबसे पहला नाम सचिन तेंदुलकर का है, जो रन चेज में मिली 127 जीतों का हिस्सा रहे हैं। दूसरे नंबर पर पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं, जिनकी मौजूदगी में भारत ने रन चेज करते हुए 116 मैच जीते हैं। विराट कोहली अब 112 जीतों के साथ तीसरे स्थान पर आ गए हैं, जबकि पोंटिंग चौथे नंबर पर खिसक गए हैं। वहीं पांचवें स्थान पर संयुक्त रूप से साउथ अफ्रीका के जैक कैलिस और भारत के रोहित शर्मा (110 जीत) मौजूद हैं। हालांकि विराट ने पोंटिंग को तो पीछे छोड़ दिया है, लेकिन सचिन और धोनी का रिकॉर्ड तोड़ने से वे अब भी थोड़े पीछे हैं।
इधर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उनका देश किसी भी नए हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है, भले ही स्थिति ‘डूम्सडे वॉर’ यानी बेहद विनाशकारी युद्ध तक क्यों न पहुंच जाए। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिन के संघर्षविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान ने इस प्रस्ताव में होरमुज जलडमरूमध्य खोलने और इसके बाद परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक बातचीत शुरू करने की पेशकश की थी। इसी बीच ब्रिटेन में आरएएफ फेयरफर्ड एयरबेस के पास आतंकी हमले की तैयारी के शक में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका ने ब्रिटेन में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने NBC न्यूज के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ में कहा कि ईरान किसी भी नए अमेरिकी हमले का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि उनका देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए किसी भी स्थिति का सामना करेगा। अराघची ने कहा कि ईरान को अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की चिंता नहीं है और उसका ध्यान अपने राष्ट्रीय हितों पर है। हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि ईरान कूटनीति का रास्ता बंद नहीं करना चाहता और शांति के लिए मिलने वाले किसी भी अवसर को गंवाना नहीं चाहिए।
अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, लंढौरा में हुए एक भीषण सड़क हादसे में कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और दस अन्य घायल हो गए। जानकारी के अनुसार ढंढेरा के मिलापनगर से परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल होने लक्सर जा रहे लोगों के ई-रिक्शा को थिथोला गांव के पास सामने से आ रही कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा सड़क पर पलट गया और उसमें सवार महिला, बच्चों समेत 13 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने अरशद (30) और दिलशाद (30) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, आठ वर्षीय उमर ने रास्ते में दम तोड़ दिया। स्वजन उसका शव घर ले गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल छह लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
इधर उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच कई जगह लैंडस्लाइड और पर्यटकों के फंसने की भी जानकारी आ रही है। इस स्थिति को देखते हुए अब राज्य में रेस्क्यू के लिए पर्याप्त हेलीकॉप्टर की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। खास बात यह है कि आने वाले 24 घंटे में भी राज्य के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। बारिश के बीच सबसे महत्वपूर्ण चुनौती हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग रूटों पर मौजूद ट्रेकर्स की सुरक्षा को लेकर है। उत्तरकाशी में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर रेस्क्यू की तैयारी की गई है। वहीं बागेश्वर में 43 ट्रेकर्स को मौसम खराब होने के कारण सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। प्रशासन के मुताबिक बागेश्वर के ट्रेकर्स फंसे हुए नहीं हैं और मौसम की स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे भेजने का निर्णय लिया जाएगा। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान संचार व्यवस्था को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा है कि अभियान में शामिल प्रत्येक हेलीकॉप्टर में सैटेलाइट फोन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसे क्षेत्रों में भी रेस्क्यू टीमों से लगातार संपर्क बना रहे जहां मोबाइल नेटवर्क या दूसरी संचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।