Oct 23, 2026 Login
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Good Morning India: तिब्बत में भूकंप से भारी तबाही, 16 लोगों की मौत! टीवी चैनलों के लिए एडवाइजरी, सरकार बोली- भड़काऊ डिबेट से बचें, AI का सही से इस्तेमाल करें! वेबसाइट पर HTTPS देखकर न करें भरोसा, eMudhra मामले ने खोली ऑनलाइन फ्रॉड की पोल

Good Morning India: Massive devastation in Tibet following an earthquake; 16 people dead! Advisory issued for TV channels—government urges them to avoid inflammatory debates and to use AI responsibly

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यकर्मो पर नजर डालते हैं, आज चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के मतदान होंगे। वहीं पोलैंड के प्रधानमंत्री के भारत दौरे का आखिरी दिन है। 

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, तिब्बत में गुरुवार रात भूकंप के जोरदार झटकों ने भारी तबाही मचाई है। 7 तीव्रता के जोरदार झटकों से तिब्बत में जान और माल का काफी नुकसान हुआ है। अब तक की खबरों के मुताबिक भूकंप की वजह से कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 32 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से 11 की हालत गंभीर बताई जा रही है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भारतीय समयानुसार रात करीब 8:03 बजे भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र राजधानी ल्हासा से करीब 400 किलोमीटर दूर उत्तरी तिब्बत के नागकू सिटी में जमीन से लगभग 173 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप का झटका महसूस होते ही पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। मकान और गाड़ियां हिलने लगी। लोग जान बचाने के लिए घरों और होटलों से निकलकर बाहर भागने लगे। सीसीटीवी में दुकानों के अंदर रखे सामान रैक से गिरते हुए कैद हुए। भूकंप के झटकों से उत्तरी क्षेत्र के नागकू शहर में सैकड़ों घर ढह गए हैं।

इधर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों के लिए बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की। इसके तहत न्यूज चैनल्स को निर्देश दिया गया है कि वे एंटी नेशनल कंटेंट न दिखाएं। चैनल भड़काऊ डिबेट से बचें। इसके साथ ही मंत्रालय ने चैनलों से AI का सही से इस्तेमाल करने को कहा है। मंत्रालय ने कहा कि कई निजी टीवी चैनलों पर प्रोग्राम कोड के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) ने भी पाया कि कुछ चैनलों पर ऐसे कंटेंट ब्राडकॉस्ट हुए जो प्रोग्राम कोड के अनुरूप नहीं थे। 

उधर मौसम विभाग ने 23 अक्टूबर के लिए कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में रात से ही बारिश हो रही है और आगे भी अति भारी बारिश की आशंका है। वहीं, आज से उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी मौसम बदलने वाला है। दिल्ली समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक यूपी, दिल्ली, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, ओडिशा, झारखंड और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई जगहों पर 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।

इधर SIR और चुनाव में गड़बड़ी को लेकर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि अगर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए कोई नया प्रस्ताव लाता है, तो तय प्रक्रिया का ही पालन किया जाएगा, इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग की शक्तियों का इस्तेमाल एकतरफा और मनमाने ढंग से करने का आरोप लगाया है। 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्पीकर बिरला ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाने के प्रस्ताव से निपटने की प्रक्रिया पहले से ही स्पष्ट रूप से तय है। उन्होंने कहा कि जब प्रस्ताव लाया जाएगा, तो हम उसी प्रक्रिया का पालन करेंगे। जिस तरह न्यायाधीशों पर महाभियोग चलाने की एक प्रक्रिया होती है, उसी तरह CEC को हटाने के लिए भी एक तय प्रक्रिया है। अगर विपक्ष प्रस्ताव लाता है, तो उसी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।  

उधर भारत की साइबर सिक्योरिटी कंपनी eMudhra से जुड़े एक मामले ने ऑनलाइन सिक्योरिटी सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसमें कंपनी के आठ डिजिटल सर्टिफिकेट की प्राइवेट-की बेहद कमजोर पाई गईं। इससे फर्जी वेबसाइट्स को असली दिखाकर लोगों को धोखा देने का खतरा पैदा हो सकता था। eMudhra डिजिटल सिग्नेचर, ऑनलाइन पहचान और वेबसाइट सिक्योरिटी से जुड़ी सेवाएं देती है। कंपनी के ग्लोबल वेबसाइट सिक्योरिटी कारोबार से जुड़े आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट में यह खामी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, इनसे जुड़ी कमजोर प्राइवेट-की का पता लगाना बेहद आसान था। डिजिटल सर्टिफिकेट को वेबसाइट का पहचान पत्र समझ सकते हैं। ब्राउजर इनकी मदद से वेबसाइट की पहचान जांचता है और सुरक्षित कनेक्शन बनाने में मदद करता है। लेकिन अगर सर्टिफिकेट से जुड़ी प्राइवेट-की कमजोर हो, तो इसका गलत इस्तेमाल किए जाने का जोखिम बढ़ जाता है। कंपनी के मुताबिक, प्रभावित आठों इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट 19 अक्टूबर को रद्द कर दिए गए थे। गूगल, मोजिला, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट को भी मामले की जानकारी दी गई और प्रभावित सर्टिफिकेट को ब्लॉक करने के कदम उठाए गए। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने जांच के लिए विशेष टीम बनाई है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत की नियमन के तहत आने वाली डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट और eSign सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं। eMudhra ने भी कहा है कि उसके सिस्टम में सेंध या ग्राहक डेटा लीक होने की घटना नहीं हुई।

इधर रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को 4 साल से भी ज्यादा समय बीत चुका है। हालांकि, अब इस जंग के खत्म होने आसार नजर आने लगे हैं। जंग की बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बड़ा बयान जारी कर दिया है। जेलेंस्की ने कहा है कि वह रूस के साथ जंग को खत्म करने के लिए युद्ध के फ्रंट लाइन्स को फ्रीज करने के लिए तैयार हैं। बता दें कि फ्रंट लाइन्स को फ्रीज करने का मतलब है कि रूस और यूक्रेन की सेनाएं जहां हैं वहीं पर रुक जाएंगी। जेलेंस्की के इस दावे से ये सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या वे रूस को यूक्रेन की जमीन देने को तैयार हो गए हैं? दरअसल, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बुधवार को एक मीडिया हाउस को इंटरव्यू दिया। इस दौरान शो के एंकर ने जेलेंस्की से पूछा- "क्या आप एक ऐसे शांति समझौते को स्वीकार करेंगे, जिसमें सब कुछ अभी की स्थिति पर ही रोक दिया जाए, जहां आपके पास अपने देश का 75 प्रतिशत या उससे ज्यादा हिस्सा बना रहे, चाहे युद्ध की शुरुआत कैसे भी हुई हो?" इस सवाल का जवाब देते हुए जेलेंस्की ने कहा- "हां, अभी हमें इसे यहीं रोक देना होगा। मुझे लगता है कि इस युद्ध को खत्म करने का यही एक वास्तविक तरीका है। हम इसे सीजफायर कह सकते हैं, या जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था- हत्याओं को रोकना कह सकते हैं।" 

उधर मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने इस मामले में हरियाणा के सोनीपत से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान समीर, जतिन और अंकित खटक के रूप में हुई है। पुलिस तीनों को मुंबई ले आई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों को आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत में लेने की मांग की जा सकती है। इस मामले में पुलिस हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क, फायरिंग के पीछे की वजह और कथित साजिश में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से संभावित संबंधों की भी पड़ताल करनी है। मुंबई पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल समीर पर कथित तौर पर अनिल पंडित और संदिग्ध शूटर रेहान के बीच संपर्क की कड़ी के रूप में काम करने का आरोप है। उस पर फंड और हथियारों की व्यवस्था कराने में भूमिका निभाने का भी संदेह है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई थी, हथियार कहां से आए और इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड कौन है। 

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, हरिद्वार में दो मासूम बच्चियों को लावारिस छोड़ने के मामले सामने आए हैं। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में भगत सिंह चौक के पास कूड़े के ढेर में करीब सात दिन की नवजात बच्ची मिली, जबकि नगर कोतवाली क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस के पास करीब एक साल की बच्ची लावारिस हालत में मिली। दोनों बच्चियों को पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने संरक्षण में लेकर अस्पताल पहुंचाया। उनकी देखभाल और सुरक्षा की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस दोनों मामलों की बारीकी से जांच में जुट गई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जानकारी के अनुसार भगत सिंह चौक के पास कूड़े के ढेर से बच्ची के रोने की आवाज सुनकर राहगीर रुक गए। पास जाकर देखा तो वहां करीब सात दिन की नवजात बच्ची पड़ी थी। बच्ची को इस हालत में देखकर लोगों ने नाराजगी जताई। इस दौरान समाजसेवी वंदना गुप्ता ने बच्ची को गोद में उठाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने 108 एंबुलेंस की मदद से बच्ची को महिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उसे डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है।

इधर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गायक दलेर मेहंदी से जुड़े कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के विवाद को खत्म करने की पहल की। उन्होंने गायक मीका से फोन पर बात की। सीएम धामी की इस पहल का मीका ने स्वागत करते हुए एक्स पर पोस्ट कर आभार जताया। सीएम धामी ने कहा किसी भी प्रकार की गलतफहमी को आपसी संवाद व सौहार्द्र से दूर किया जाना चाहिए। देवभूमि उत्तराखंड अतिथि देवो भव: की परंपरा का संवाहक है। यहां पर सभी कलाकारों का सदैव हृदय से स्वागत है। इससे पूर्व भाजपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में सीएम धामी ने कहा कि सुबोध उनियाल जनता के दबाव में थे। उन्हें दलेर मेंहदी के खराब स्वास्थ्य के बारे में जानकारी नहीं थी। गलत फहमी में यह घटना हुई। सुबोध उनियाल ने खेद व्यक्त कर कहा है कि उन्हें दलेर मेहंदी की तबीयत खराब होने की जानकारी नहीं थी। सीएम ने कहा कि दलेर मेहंदी और उनके भाई मीका सिंह उनके अच्छे दोस्त हैं। इस मामले को अब यहीं खत्म कर देना चाहिए।