Oct 18, 2026 Login
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Good Morning India: अभिजीत दिपके गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेश किया जाएगा, नेहा बोरा रिहा! लाल कृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने पर जनता कर सकती है शिकायत! रेखा आर्या प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी गठित

Good Morning India: Abhijit Dipke arrested and will be produced in court today; Neha Bora released! Lal Krishna Advani admitted to the hospital! Major Supreme Court ruling: the public can now file co

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यकर्मो पर नजर डालते हैं, आज नवरात्रि का सातवां दिन है, वहीं आज सीजेपी नेता अभिजीत दीपके को नई दिल्ली SEM कोर्ट में पेश किया जाएगा।

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने या महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने वाले निर्वाचित उम्मीदवारों के खिलाफ आम नागरिक भी आपराधिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शीर्ष न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 195 की पाबंदी शिकायत दर्ज कराने में बाधा नहीं बनेगी। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125ए के तहत अपराध के आरोप में आम नागरिक की शिकायत को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि शिकायत चुनाव आयोग या किसी अधिकृत सरकारी अधिकारी ने दर्ज नहीं कराई है। पीठ ने कहा कि यदि किसी निर्वाचित उम्मीदवार को परेशान करने के उद्देश्य से झूठी या निराधार शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो सक्षम मजिस्ट्रेट तथ्यों और परिस्थितियों के अनुसार उचित कार्रवाई करने के लिए अधिकृत हैं।

उधर दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया है। दिपके को आज एसईएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक नेहा बोरा और अभिजीत को प्रिवेंटिव सेक्शन्स के तहत हिरासत में लिया गया था। नेहा बोहरा को 65 डीपी एक्ट में लीगल फॉर्मेलिटी के बाद छोड़ दिया गया। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके को अभिजीत दीपके को शांति भंग करने के फ्रेश केस यानी नए केस BNSS की धारा 126/170 में गिरफ्तार किया गया है।अभिजीत दीपके को नई दिल्ली SEM कोर्ट में आज दिन में पेश किया जाएगा। इसके बाद SEM कोर्ट तय करेगा कि अभिजीत को जेल भेजा जाएगा या जमानत पर रिलीज किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक कल दिल्ली के कनॉट प्लेस में बुलाए गए तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दिपके को पुलिस उठा ले गई थी। कल वाले मामले पर अभिजीत दिपके पर शांति भंग करने का एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है, इससे पहले 10 अक्टूबर को जब अभिजीत को हिरासत में लिया गया था, तब फ्लाइट से उनपर शांति भंग करने का एक सेपरेट केस दर्ज किया गया था, जिसमें उनसे बॉन्ड पर साइन कराया गया था कि एक साल तक अशांति नहीं फैलाएंगे। वहीं, नेहा बोहरा को 65 डीपी एक्ट में लीगल कारवाही के बाद छोड़ दिया गया है। नेहा को अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के खिलाफ देश भर में 12 घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन और लोगों के आक्रोश के बाद, दिल्ली पुलिस को नेहा को रिहा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसपर, आईसा ने कहा, हम मीडिया और उन सभी लोगों का धन्यवाद करते हैं जो इस मुश्किल घड़ी में हमारे साथ खड़े रहे।

इधर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार, आडवाणी को सीने में इंफेक्शन और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां उनका इलाज हो रहा है। हॉस्पिटल की ओर से उनके हेल्थ अपडेट की प्रतीक्षा की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी 98 साल के हैं। वह आगामी 8 नवंबर को अपना 99वां जन्मदिन मनाने वाले हैं। आडवाणी वर्तमान में दिल्ली में 30, पृथ्वीराज रोड स्थित आवास पर रहते हैं। साल 2024 के दिसंबर में भी आडवाणी को अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। जानकारी के मुताबिक, वह चिकित्सा मूल्यांकन और मेडिकल जांच के लिए एडमिट हुए थे। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसेवा में 25 साल पूरे करने के बाद लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की थी और उनसे आशीर्वाद लिया था। पीएम मोदी ने X पर पोस्ट कर के बताया था- "आडवाणी जी से उनके आवास पर मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। दशकों तक उनकी जनसेवा और हमारे राष्ट्रीय जीवन में उनके योगदान ने एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने भारत की प्रगति को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।"

उधर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर मथुरा रोड पर पैदल सड़क पार करने के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं होने पर काफी नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए चेतावनी भी दे दी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 25 नवंबर तक इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जज खुद दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर धरने पर बैठेंगे। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच इस पूरे मामले की सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट आने वाले वकीलों, लोगों और अन्य लोगों को सड़क पार करने में परेशानी होती है। ऐसे में यहां पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए जाने चाहिए। जानकारी के अनुसार, इस जगह से कोर्ट आने वाले लोगों और आम जनता की काफी आवाजाही रहती है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी ने कोर्ट को बताया कि इस मामले को देखने के लिए एक हाईलेवल कमेटी बनाई गई है। कमेटी सड़क पार करने की जगह पर जरूरी इंतजामों पर विचार कर रही है। केंद्र सरकार की इस दलील पर जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि कमेटी बनाने से ही काम पूरा नहीं होगा। इसके लिए जमीन पर ठोस कदम उठाने होंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो कोर्ट दिल्ली के मुख्य सचिव को पेश होने का निर्देश देने पर विचार करेगा।

इधर एसआईआर को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी इसे काउंटर करने की तैयारी में है। बीजेपी अगले हफ्ते से एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने वाली है। बीजेपी के इस अभियान का मकसद कांग्रेस द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) और भारत निर्वाचन आयोग के बारे में किए जा रहे उन दावों का जवाब देना है, जिन्हें बीजेपी 'गुमराह करने वाला' मानती है। इस अभियान के तहत, बीजेपी जनता के सामने तथ्य रखेगी ताकि SIR और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों और आरोपों का जवाब दिया जा सके। पार्टी के सांसदों, विधायकों और अन्य वरिष्ठ नेताओं को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में इस अभियान को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। बीजेपी के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, पार्टी 24 पन्नों का एक विस्तृत दस्तावेज तैयार कर रही है, जिसमें विपक्ष के सवालों और आरोपों के जवाब दिए गए हैं। यह दस्तावेज पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए जनसंपर्क गतिविधियों के दौरान एक संदर्भ सामग्री का काम करेगा। इस अभियान को सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए भी चलाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जा सके और इस मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखा जा सके।

उधर रूस में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया है। भूकंप की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि लोग अपने घरों से बाहर निकल गए। इस दौरान घरों की खिड़कियां और दरवाजे तेजी से हिलने लगें। जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की से 156 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में, ज़मीन पर 138 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। हालांकि अभी तक इस भूंकप की वजह से किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, शुक्रवार को रूस के ओजर्नोव्स्की से 76 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र 143.2 किलोमीटर की गहराई पर था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसका केंद्र 52.01 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 157.25 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। वहीं रूस की सरकारी समाचार एजेंसी 'तास' (TASS) ने 'रशियन एकेडमी ऑफ साइंसेज' की भूभौतिकीय सेवा (Geophysical Service) की कामचात्स्की शाखा का हवाला देते हुए बताया कि रूस के कामचात्स्की क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 4 पॉइंट तक मापी गई। वैज्ञानिकों ने बताया, "पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की में भूकंप की तीव्रता 4 पॉइंट तक दर्ज की गई।" शुरुआत में वैज्ञानिकों ने इसकी तीव्रता 6.5 आंकी थी, लेकिन बाद में इसे संशोधित करके 6.9 कर दिया गया। इस क्षेत्र में इसे 5 तीव्रता वाले भूकंप के रूप में महसूस किया गया।

इधर मौसम विभाग ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत उत्तर भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम का डबल अटैक देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे मैदानी राज्यों में सुबह और रात के समय गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। हिमाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय इलाकों जैसे लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर में कल रात से ही ताजा बर्फबारी का दौर जारी है, जिससे वहां का तापमान शून्य के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 17-18 अक्टूबर और 21-22 अक्टूबर के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है।

उधर केंद्र सरकार ने 2026-27 आपूर्ति वर्ष के लिए एथेनॉल उत्पादन में चीनी के इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। इसके तहत तेल विपणन कंपनियों की नई निविदा में गन्ने के रस, चीनी सिरप और बी-हैवी शीरे से बने एथेनॉल को शामिल नहीं किया गया है। शुक्रवार को जारी निविदा के अनुसार, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने नवंबर से शुरू होने वाले आपूर्ति वर्ष के लिए 1,100 करोड़ लीटर एथेनॉल की खरीद हेतु बोलियां आमंत्रित की हैं। अब उत्पादक मक्का, टूटे चावल और भारतीय खाद्य निगम के अतिरिक्त चावल से एथेनॉल बनाने के लिए बोली लगा सकेंगे। कम बारिश के कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ना उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इससे चीनी की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद ने सियासत में हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो मामला गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की भी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच कराई जाएगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस संघर्ष जारी रखे हुए है। इस बीच कैबिनेट मंत्री आर्या का प्रकरण भी सामने आया है। यही नहीं, शुक्रवार को मंत्री आर्या के पति ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

इधर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से पति गिरधारी लाल साहू पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने एसपी रूरल जया बलोनी की निगरानी में एसआईटी गठित कर दी गई है। शुक्रवार को एसआईटी डालनवाला स्थित कृष्णा मेडिकल अस्पताल पहुंची और वहां एडमिट कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से बातचीत की। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें उनके स्वास्थ्य को देखते हुए फिलहाल बयान देने के लिए फिट नहीं बताया। जिसके बाद टीम वापस लौट गई। बताया जा रहा है कि जल्द ही एसआईटी टीम गिरधारी लाल साहू व एक महिला के कथित ऑडियो को कब्जे में लेगी। इस ऑडियो की फॉरेंसिक जांच करवाई जाएगी। एसआइटी टीम में सीओ सहसपुर अनुज कुमार, सिटी कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर केसी भट्ट, एसओजी के दरोगा संदीप कुमार, महिला एसआई विनयता चौहान, कैंट थाने के एसआई कमलेश गौड़, एसआई संदीप कुमार समेत 9 अन्य पुलिस कर्मी शामिल हैं।

उधर अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने निष्पक्ष और गहराई तक मामले की जांच करने की मांग की। जिस पर सीबीआई अधिकारियों ने प्रकरण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही निष्पक्ष एवं न्यायसंगत ढंग से प्रकरण की विवेचना करने का आश्वासन दिया। दरअसल, 16 अक्टूबर को अंकिता भंडारी के माता सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने दिल्ली में सीबीआई यानी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो मुख्यालय जाकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलकात की। जहां उन्होंने न्याय की मांग करते हुए मामले की बारीकी से जांच करने को कहा। सीबीआई अधिकारियों ने उन्हें प्रकरण के सभी पहलुओं का समुचित परीक्षण करते हुए विवेचना निष्पक्ष एवं न्यायसंगत ढंग से करने का आश्वासन दिया।