भारत-इस्राइल की अटूट दोस्ती: पीएम मोदी को इस्राइली स्वतंत्रता दिवस की मशाल जलाने का न्योता, साहसी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार भी होंगे साथ
नई दिल्ली। भारत और इस्राइल के बीच कूटनीतिक और ऐतिहासिक संबंधों में एक नया और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दूरभाष पर महत्वपूर्ण वार्ता की। इस दौरान इस्राइली प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को अपने देश के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने और मशाल प्रज्वलित करने का विशेष निमंत्रण दिया है।
भारत और इस्राइल के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों के बीच इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का विशेष निमंत्रण दिया है। नेतन्याहू ने मोदी को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साथ मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को अपना मित्र बताया और दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की सराहना की। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच फोन पर हुई बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग तथा पश्चिम एशिया में जारी परिस्थितियों पर चर्चा हुई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रधानमंत्री मोदी की इस्राइल यात्रा या समारोह में उनकी भागीदारी की अंतिम पुष्टि का उल्लेख नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और इस्राइल के बीच लगातार मजबूत हो रही साझेदारी पर संतोष जताया। साथ ही विशेष रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। नेतन्याहू ने अपने संदेश में दोनों देशों के पुराने संबंधों का उल्लेख किया। वहीं, मोदी ने निमंत्रण के लिए उनका धन्यवाद किया। बातचीत में आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने के महत्व पर भी जोर दिया गया। नेतन्याहू के अनुसार, मोदी ने कहा कि भारत और इस्राइल जमीन और हवा, दोनों क्षेत्रों में आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया के हालात भी बातचीत का अहम विषय रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ाने के भारत के रुख को दोहराया। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत का जोर बातचीत के माध्यम से विवादों का समाधान निकालने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने पर रहा है। दोनों नेताओं ने शांति बहाली की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। हालांकि, इस बातचीत के दौरान किसी नए समझौते या विशेष संयुक्त पहल की घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है। कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट हैं, जो दुबई से इस्राइल जा रही उड़ान एफजेड1073 से जुड़ी एक गंभीर घटना के बाद चर्चा में आए। रिपोर्टों के अनुसार, विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित और उनके सह-पायलट के बीच हिंसक झड़प हुई थी। आरोप है कि सह-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला किया और विमान के नियंत्रण में हस्तक्षेप करने की कोशिश की। घटना के बाद विमान को निर्धारित मार्ग से हटाकर सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ना पड़ा, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। रिपोर्टों के मुताबिक, झड़प के दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा था। घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने स्थिति संभालने का प्रयास किया। इसके बाद चालक दल के एक सदस्य और कुछ यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर दूसरे पायलट को काबू करने में मदद की। विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के बाद उसे तबुक की ओर मोड़ा गया। विमान में सवार सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई। दोनों पायलटों को उपचार के लिए ले जाया गया। इस घटना के बाद कैप्टन स्मित की भूमिका और विमान को सुरक्षित उतारने के प्रयासों को लेकर चर्चा हुई। नेतन्याहू की ओर से मोदी को दिए गए निमंत्रण में कैप्टन स्मित का उल्लेख इस घटना के संदर्भ में विशेष ध्यान आकर्षित करता है। अब इस प्रस्तावित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।