Good Morning India: फ्रांस में हिंसा, पेरिस समेत कई शहरों में कर्फ्यू! ट्रंप बोले- जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा पेरिस! टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! एलन मस्क का बड़ा वादा- हर अमेरिकी बच्चे को मिलेगा SpaceX का शेयर
नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यकर्मो पर नजर डालते हैं, आज से भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) प्रभाव में आएगा। इसके अलावा मुंबई में विदेश मंत्री जयशंकर अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो के साथ बैठक करेंगे।
अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, फ्रांस में महंगाई, खराब पब्लिक सर्विसेज और आर्थिक परेशानियों के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और लूटपाट के बाद सरकार ने कई शहरों में पाबंदियां लगा दी हैं। सोमवार को पेरिस, लिली, नीस और दूसरे शहरों में स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू और सार्वजनिक सभाओं पर रोक के कदम उठाए गए। वीकएंड के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई थीं। कई दुकानों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा था। प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने कहा कि फिलहाल पूरे पेरिस में कर्फ्यू लगाने के बजाय चुनिंदा इलाकों में पाबंदियां लगाना ज्यादा सही है। उन्होंने इमरजेंसी घोषित करने की संभावना से भी इनकार नहीं किया। लेकोर्नू ने कहा कि कानून-व्यवस्था बहाल करने का मेरा संकल्प पूरी तरह पक्का है। पेरिस पुलिस ने सोमवार रात 8 बजे से राजधानी के कुछ इलाकों में प्रदर्शनों पर रोक लगा दी। इसके अलावा प्लास दे ला रिपब्लिक और ले आल इलाके में रात 11 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाया गया। पुलिस ने पाबंदियों का पालन कराने के लिए अतिरिक्त जवान भी तैनात किए।
इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फ्रांस में फैली हिंसक अशांति के लिए इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने फ्रांस से अपनी सीमाएं बंद करने की अपील की है, क्योंकि जीवन-यापन की बढ़ती लागत और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन अब हिंसक झड़पों, लूटपाट और आगजनी में बदल गए हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब फ्रांसीसी अधिकारी शनिवार को हुए प्रदर्शनों से हुए भारी नुकसान से निपटने में जुटे हैं। रविवार की रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सैकड़ों पुलिस अधिकारी तथा आपातकालीन कर्मी घायल हुए हैं। लिमोजेस शहर में, कर्मचारी 143 साल पुराने सिटी हॉल को हुए नुकसान का जायजा ले रहे थे, जो आगजनी की एक घटना में आंशिक रूप से नष्ट हो गया था।
उधर बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। तीनों शूटरों को हथियार अनिल पंडित के कहने पर ही मिले थे। ये तीनों ने कभी पंडित को देखा नहीं है, इनकी पंडित से बात जंगी एप पर होती थी। रेहान और फूल सिंह अमृतसर में भी व्यापारी पर हमला कर चुके थे। इनको मुंबई में रोज 5 से 10 हजार रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया जाता था। ट्रेकिंग से बचने के लिए आरोपी किसी भी स्थानीय दुकानदार या किसी व्यक्ति का क्यूआर कोड अनिल पंडित को भेज देते थे और उसके पास पैसा आ जाता था। इसी कैश से इनका पूरा खर्चा चल रहा था। जंगी एप में खास बात ये है कि अकाउंट बनाने के लिए किसी नंबर की ज़रूरत नहीं पड़ती या व्यक्तिगत जानकारी की ज़रूरत नहीं पड़ती , इसका डाटा भी किसी सर्वर पर सुरक्षित नहीं रहता है। पकड़े जाने के डर से ये लोग बात कर के सिम कार्ड भी तुरंत तोड़ कर फेंक देते थे। हथियार भी आरोपियों के पास इंदौर और मुंबई से आया था। हथियार देने के लिए कोई व्यक्ति नहीं आया इनके पास, बल्कि मोबाइल और लोकेशन और वीडियो भेजकर किसी डब्बे में कचरे के ढेर के पास हथियार भेजा जाता था।
इधर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आशुतोष और सौरव की हिरासत बढ़ाए जाने को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दोनों की तत्काल रिहाई की मांग की। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि युवाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। लोकतंत्र पर लगातार हमले हो रहे हैं। ममता बनर्जी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि आशुतोष और सौरव की कस्टडी बढ़ाने के पीछे की हताशा भरी मंशा को समझ सकती हूँ। यह एक खतरनाक वायरस है, जिसका इस्तेमाल रोज़ाना लोकतंत्र पर हमला करने के लिए किया जा रहा है। 'जेन Z' (आज की युवा पीढ़ी) के लड़के-लड़कियों को प्रताड़ित करना बंद करें। ममता ने कहा कि जो लोग आज सत्ता में हैं, वे कल सत्ता में नहीं रहेंगे। कोलकाता से लेकर दिल्ली और मुंबई तक - पूरे देश में अत्याचार अपने चरम पर पहुंच गए हैं। जब हमारे पूर्वजों ने औपनिवेशिक शासकों का सामना किया था, तब उन्हें भी अत्याचार सहने पड़े थे, फिर भी वे पूरे संकल्प और बहादुरी के साथ लड़े।
उधर दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति इलॉन मस्क अगले साल अमेरिका के प्रत्येक बच्चे के अपनी कंपनी SpaceX का एक-एक शेयर देंगे। हालांकि, मस्क की योजना इससे भी काफी बड़ी लग रही है। इस योजना के तहत वे भविष्य में अमेरिका के बच्चों के लिए और भी कई ऐलान कर सकते हैं। मस्क ने एक एक्स पोस्ट में ये जानकारी दी। खबर लिखे जाने तक स्पेसएक्स का शेयर 148.29 डॉलर (लगभग 14,074.18 रुपये) के भाव पर ट्रेड कर रहा था। इलॉन मस्क ने शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''अगले साल, मैं अमेरिका के हर बच्चे को अपना एक स्पेसएक्स शेयर दूंगा। ये ऐसी कई चीजों में से पहली होगी।'' हालांकि, इलॉन मस्क ने इस ऑफर के बारे में और किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी। सबसे बड़ा सवाल ये है कि किस उम्र तक के बच्चे SpaceX का 1-1 शेयर प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। अगर इलॉन मस्क 18 साल तक के बच्चों को भी अपनी स्पेस कंपनी SpaceX का 1-1 शेयर देते हैं तो शेयर के मौजूदा कीमत के आधार पर गिफ्ट में दिए जाने वाले सभी शेयरों की कुल कीमत 10.677 बिलियन डॉलर यानी करीब 89,000 करोड़ रुपये होगी। आधिकारिक जनगणना आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई 2025 तक अमेरिका में 18 साल तक के बच्चों की अनुमानित संख्या 72 मिलियन यानी 7.20 करोड़ है।
इधर जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात कर नई दिल्ली में मकबरा सफदरजंग के पीछे स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद और उससे सटे कब्रिस्तान के संरक्षण का मामला उठाया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी की ओर से मंत्री महोदय को एक विस्तृत मेमोरेंडम सौंपा। इसमें मस्जिद और कब्रिस्तान के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं कानूनी महत्व को रेखांकित करते हुए उनके संरक्षण के लिए तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया। मेमोरेंडम में कहा गया कि रेस कोर्स मस्जिद धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इसके संबंध में सरकारी अभिलेखों में महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद हैं। इनमें विशेष रूप से नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) की हेरिटेज सूची में मस्जिद का क्रम संख्या 22 पर दर्ज होना, दिल्ली गजट, 1977 में क्रम संख्या 18 पर इसका जिक्र और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की संशोधित सूची में संपत्ति पहचान संख्या के साथ इसका शामिल होना प्रमुख है।
उधर मानव तस्करी रोकने और इसके शिकार लोगों की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे मानव तस्करी रोकने के लिए बनाई गई विशेष यूनिट (एएचटीयू) को पुलिस थाने का दर्जा दें। इसके लिए राज्य सरकारों के गृह विभाग जल्द से जल्द जरूरी अधिसूचना जारी करें। केंद्र सरकार को भी राज्यों के साथ आदेश को लागू कराने को कहा गया है। पुलिस थाने का दर्जा मिलने से ऐसी यूनिटें अपने अधिकार क्षेत्र में सीधे FIR दर्ज कर सकेंगी। इससे पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने के लिए दूसरे थाने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच महिलाओं और बच्चों की यौन शोषण के लिए होने वाली तस्करी से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर मानव तस्करी से बचाई गई कोई वयस्क महिला कहती है कि वह अपनी मर्जी से सेक्स वर्क कर रही थी, तब भी मजिस्ट्रेट को शुरुआती जांच करनी होगी। इस जांच में देखा जाएगा कि वह अपनी इच्छा से यह काम कर रही थी या उसे धमकाकर मजबूर करके धकेला गया था।
इधर फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पेरिस बहुत जल्द मुस्लिम शहर बनने वाला है। साथ ही उन्होंने यूरोप के भविष्य को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने सोमवार को कहा कि फ्रांस और पूरे यूरोप महाद्वीप का पूरी तरह से पतन हो जाएगा, अगर वे तुरंत अपनी सीमाओं को सील नहीं करते और उन प्रवासियों को बाहर नहीं निकालते जो अपने देशों से नफरत करते हैं। व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस में अशांति के लिए मुख्य रूप से अप्रवासन को जिम्मेदार ठहराया, और उन सुझावों को खारिज कर दिया कि यह शिक्षा या घरेलू नीति के मुद्दों से जुड़ा है। ट्रंप ने कहा, "फ्रांस में जो कुछ हो रहा है वह बहुत दुखद स्थिति है, क्योंकि फ्रांस में जो कुछ हो रहा है उसका संबंध इमिग्रेशन से है, स्कूलों से या किसी और चीज से नहीं। यह अप्रवास है। मैंने राष्ट्रपति मैक्रों से कहा था, अपने बॉर्डर बंद कर लो। मैंने उनसे यह बात पहली बार तब कही थी जब मैं उनसे मिला था, जो कि वर्षों पहले मेरे पहले कार्यकाल में था। अपनी बॉर्डर बंद कर लो, तुम्हें सिर्फ परेशानी के कुछ नहीं मिलने वाला है और उन्हें बहुत सारी परेशानियां मिल चुकी हैं। उन्होंने अपने देश में ऐसे लोगों को आने दिया है जो अपने देश से प्यार नहीं करते, वे उनकी इमारतों से प्यार नहीं करते, वे उनकी कला से प्यार नहीं करते।
अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज होने के बाद उनका पति पप्पू गिरधारी फोन बंदकर फरार है। वह सोमवार को भी शहर में नहीं दिखा। उसकी तलाश में आई देहरादून पुलिस खाली हाथ लौट चुकी। स्थानीय पुलिस भी उसकी लोकेशन व अन्य जानकारियां प्राप्त करने का प्रयास कर रही है। उसके विरुद्ध बरेली में 39 मुकदमे होने के बाद हिस्ट्रीशीट रजिस्टर में नाम दर्ज कर निगरानी की जाती थी। 12 वर्ष पहले उसकी निगरानी बंद कर दी, क्योंकि किसी नई घटना में संलिप्तता नहीं मिली थी। अब 18 वर्ष बाद उसके विरुद्ध उत्तराखंड में मंत्री रेखा आर्य ने मुकदमा दर्ज कराया है। यदि इस मामले में देहरादून पुलिस कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करती है तो स्थानीय पुलिस दोबारा निगरानी शुरू कर देगी।
इधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने बीजेपी को एक और झटका लगने का दावा किया है हरक सिंह रावत की मानें तो बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता उनके लगातार संपर्क में हैं और उनसे इस संबंध में दो-तीन बार बातचीत भी हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित नेता ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है और देर-सवेर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस दावे पर संबंधित नेता की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने आना जरूरी है। हरक सिंह के इस बयान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में नए दल-बदल और चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी पर हरक सिंह रावत ने कहा कि नौटियाल पहले कांग्रेस में ही थे, लेकिन बाद में बीजेपी में चले गए थे। अब उनकी फिर से कांग्रेस में वापसी हुई है। उन्होंने बताया कि रामशरण नौटियाल की वापसी को लेकर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के बीच पहले ही विस्तार से बातचीत हो चुकी थी। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रीतम सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की राय शामिल थी।