Good Morning India: अमेरिका-ईरान के बीच फिर छिड़ा भीषण युद्ध, धमाकों से गूंजा तेहरान, होर्मुज बंद, 22 देशों ने दी चेतावनी! मणिपुर में फिर भड़की हिंसा! मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट, उत्तराखण्ड में आज और कल भारी बारिश की चेतावनी! लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरे
नमस्कार दोस्तों, आवाज 24ग7 अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीति आयोग की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। वहीं जैकलीन फर्नांडीज से संबंधित मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इधर फर्जी हस्ताक्षर मामले दायर अभिषेक बनर्जी की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट सुनवाई करेगा।
अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं, ईरान ने भी इसका करारा जवाब दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द सीजफायर की शर्तें मान ले नहीं तो हमले और तेज हो जाएंगे। इसके जवाब में ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है। साथ ही ईरान ने चेतावनी दी है कि अब तेल टैंकरों और कारोबारी जहाजों समेत कोई भी जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को क्रॉस करने की कोशिश करेगा तो उस पर हमला कर देंगे। ईरान के इस ऐलान ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त समुद्री जलमार्ग है जो फ़ारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल चोकपॉइंट्स में से एक है। दुनिया भर के कुल उपभोग का लगभग 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से टैंकरों के माध्यम से भेजा जाता है। सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत, कतर और UAE जैसे प्रमुख खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है। अगर यह कुछ समय के लिए भी बंद हो जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
इधर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है और इस बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए। ईरान की राजधानी तेहरान में धमाकों की गूंज सुनाई दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस चेतावनी के बाद कि अमेरिकी सेना ईरान पर हमले जारी रखेगी, अमेरिका अब ईरान पर लगातार हमले करेगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ट्रंप के आदेश पर ईरान के अंदर कई ठिकानों पर "आत्मरक्षा में हमले" शुरू किए हैं। CENTCOM ने एक बयान में कहा, "ये हमले ईरान की बिना वजह और लगातार आक्रामकता के जवाब में किए गए हैं।" अब ईरान भी अमेरिका को करारा जवाब देने के लिए तैयार है। वहीं ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने चेतावनी दी कि, हम हारने वालों से लड़ने से नहीं डरते। ट्रंप के बताए आंकड़ों के मुकाबले मारे गए या घायल हुए अमेरिकियों की संख्या पहले ही कहीं ज़्यादा है, और यह संख्या और बढ़ेगी। इस बार, यह युद्ध सिर्फ़ इसी इलाके तक सीमित नहीं रहेगा। देखते हैं क्या होता है! अमेरिका और यूरोपीय देशों समेत 22 देशों ने गुरुवार को ईरान को चेतावनी दी कि वह "हमारी ज़मीन" पर लोगों पर हमले करना बंद करे। इसके साथ ही ईरान की सुरक्षा एजेंसियों की निंदा की गई क्योंकि उन्होंने यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में साज़िशें रचने के लिए अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय अपराधी गिरोहों का इस्तेमाल किया। इन देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा, "हमारी ज़मीन पर लोगों को मारने, अगवा करने, परेशान करने, डराने-धमकाने या उन पर किसी भी तरह का हमला करने की कोशिशें राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय नियमों को कमज़ोर करती हैं। इन हरकतों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।"
उधर मणिपुर की राजधानी इंफाल में एक बार फिर हिंसा भड़क गई है। जहां बीती रात हिंसक प्रदर्शन हुए। ये प्रदर्शन नागा समुदाय के 6 लोगों के शव बरामद होने के बाद हुए। मणिपुर पुलिस ने इंफाल में जैसे ही लोगों को 6 शव बरामद होने की जानकारी दी। लोगों का गुस्सा भड़क उठा। स्थानीय लोग अस्पताल के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। बैरिकेड्स गिरा दिए। पुलिस को भीड़ पर काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस दौरान आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। 13 मई को आर्म्ड ग्रुप्स ने 20 लोगों को बंधक बना लिया था। जिनमें 14 कुकी और 6 नागा समुदाय के लोग शामिल थे। एक दिन पहले इनमें से 14 कुकियों को रिहा कर दिया गया था। लेकिन कल दोपहर में बंधक बनाए गए नागा समुदाय के 6 लोगों के शव सेनापति जिले से बरामद हुए। इसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया और देर रात तक अस्पताल के बाहर सुरक्षाकर्मियों के साथ जोर आजमाइश चलती रही।
इधर दिल्ली के भारत मंडपम में आज एनडीए की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता पीएम मोदी ने की। इस बैठक में एनडीए के घटक दलों के बड़े नेता मौजूद रहे। इस दौरान पीएम मोदी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह एनडीए के नेताओं को झालमुरी बांटते हुए दिखे। पीएम मोदी ने खुद भी झालमुरी खाई। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पंडित नेहरू का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा है। दरअसल पीएम मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले भारत के निर्वाचित पीएम बन गए हैं। पीएम मोदी के नाम लगातार 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। इससे पहले पंडित नेहरू ने लगातार 4,398 दिनों तक निर्वाचित पीएम के रूप में कार्य किया था। इस मौके पर एनडीए के नेताओं ने पीएम मोदी का सम्मान किया और उन्हें उपहार दिए। इस बैठक की इस बात को लेकर खूब चर्चा हो रही है कि पीएम मोदी ने साथी नेताओं को झालमुरी खिलाई। ये इसलिए भी अहम है क्योंकि पीएम मोदी जब पश्चिम बंगाल गए थे तो वहां भी उन्होंने झालमुरी खाई थी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को शानदार जीत भी हासिल हुई थी। इस चुनाव में हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस अपने सबसे बुरे वक्त से गुजर रही है और पार्टी टूटने की कगार पर है।
उधर देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में जहां लू और भीषण गर्मी का असर बना हुआ है, वहीं अनेक राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना भी है। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमीय प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के अधिकतर हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। इसी बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार भी बढ़ने लगी है और अगले पांच दिनों के दौरान इसके कई नए राज्यों में आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में 11 से 16 जून तक विभिन्न स्थानों पर वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर में भी इस अवधि के दौरान बारिश होने के आसार हैं। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी राजस्थान में भी 11 से 16 जून के बीच कई स्थानों पर बारिश दर्ज की जा सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल बनी हुई हैं। अगले पांच दिनों के दौरान मानसून मध्य अरब सागर के और हिस्सों में पहुंच सकता है। इसके साथ ही महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु के शेष भागों में भी इसके आगे बढ़ने की संभावना है।
इधर कनाडा सरकार ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को पेश किए गए नए कानून के तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर रोक लग सकती है। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियां तभी छूट पा सकेंगी, जब वे यह साबित कर दें कि उनका प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। कनाडा के संस्कृति मंत्री मार्क मिलर ने इस पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों को सुरक्षित रखने में असफल हो रहे हैं। अब बहुत हो गया है और हमें सुरक्षा के बुनियादी नियम लागू करने ही होंगे। यह कानून सात तरह की हानिकारक चीजों को रोकने पर ध्यान देगा। इसमें खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने वाली बातें, हिंसा भड़काना, नफरत फैलाना और बिना मर्जी के निजी तस्वीरें डालना शामिल है। सरकार 'डिजिटल सेफ्टी कमीशन ऑफ कनाडा' नाम से एक नया विभाग बनाएगी। इसे पूरी तरह काम शुरू करने में 18 महीने का समय लग सकता है। यह विभाग ही तय करेगा कि किन कंपनियों को नियमों से छूट मिलनी चाहिए। कंपनियों को अब उम्र की जांच करने का पक्का तरीका अपनाना होगा। जो प्लेटफॉर्म एडल्ट कंटेंट दिखाते हैं, उन्हें किसी भी तरह की छूट नहीं मिलेगी। यह कानून सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स बनाने वाली कंपनियों के लिए भी नियम तय किए गए हैं। इन कंपनियों को जिम्मेदारी से काम करना होगा और संकट के समय मदद के लिए खास इंतजाम करने होंगे।
अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, काशीपुर में साइबर ठगों ने बैंक का अधिकारी बनकर एक वृद्ध व्यक्ति को अपना शिकार बना लिया। ठगों ने व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी बैंक एप भेजकर बैंक खाते की जानकारी हासिल की और दो दिनों के भीतर नौ ट्रांजेक्शनों के जरिए 29 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी एक वृद्ध व्यक्ति के साथ 29 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी हो गई। साइबर अपराधियों ने स्वयं को बैंक का अधिकारी बताकर पीड़ित के मोबाइल पर एक फर्जी एप्लीकेशन भेजी और उसके माध्यम से बैंक खाते की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद आरोपियों ने दो दिनों के भीतर खाते से कुल 29,00,022 रुपये निकाल लिए। जानकारी के अनुसार गढ़वाल सभा, जसपुर खुर्द, काशीपुर निवासी सुधेश कुमार का एक बैंक शाखा में संयुक्त खाता है। छह जून को शाम करीब साढ़े चार बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का अधिकारी बताते हुए कहा कि खाते की बैंकिंग सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए ई-बैंकिंग एप का उपयोग करना आवश्यक है।इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक फाइल भेजी और उसे डाउनलोड कर ऑनलाइन फॉर्म भरने को कहा। सुधेश कुमार ने फाइल खोलकर मांगी गई जानकारी भर दी, लेकिन एप ठीक प्रकार से कार्य नहीं कर रहा था। उन्हें संदेह होने पर उन्होंने एप को बंद कर दिया। अगले दिन जब उन्होंने अपने मोबाइल में बैंक संबंधी संदेश देखे तो पता चला कि छह और सात जून को उनके खाते से नौ अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए हैं।
इधर पिथौरागढ़ के अस्कोट क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और गर्भपात के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में पुलिस ने अस्कोट से लगभग 35 किलोमीटर दूर जंगल से भ्रूण के अवशेष बरामद किए हैं। भ्रूण की तलाश के लिए एसएसबी के डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई। कनालीछीना विकासखंड के एक सरकारी हाईस्कूल की 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा ने उसी स्कूल में तैनात शिक्षक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। आरोप है कि छात्रा के छह माह की गर्भवती होने पर शिक्षक ने उसे गर्भपात की दवा खिला दी। इसके बाद भ्रूण को दूर जंगल में फेंक दिया गया। गर्भपात के लगभग 20 दिन बाद रक्तस्राव होने से छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। जांच में सामने आया कि, छात्रा के शारीरिक शोषण और गर्भवती होने के बावजूद परिजनों ने बदनामी के कारण मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी। अधिक रक्तस्राव होने पर परिजन छात्रा को उपचार के लिए पीएचसी कनालीछीना ले गए। जहां छात्रा के साथ दुष्कर्म का खुलासा हुआ। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित परिवार की तरफ से अस्कोट थाना में पॉक्सो के तहत मुकदमा दर्ज करने के साथ ही आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी शिक्षक ने भ्रूण के संबंध में कई राज खोले।
उधर उत्तराखण्ड में मौसम ने करवट बदली है, बुधवार देर शाम से कई जगहों पर झमाझम बारिश हो रही है। इस दौरान आंधी-तूफान का प्रकोप भी देखने को मिला। इस बीच मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी समेत राज्य के आठ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए तेज बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और अंधड़ की चेतावनी दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में मौसम अचानक बदल सकता है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज बारिश के दौर पड़ने की संभावना है। इसके अलावा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। बीते दिनों मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया था। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी। वहीं, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जिलों में भी गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।