झारखंड में मानसून मेहरबान: रांची और खूंटी समेत 5 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, 23 जुलाई तक बिगड़ा रहेगा मौसम
रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने 21 जुलाई को रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा जिलों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त करते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। बारिश के साथ-साथ तेज मेघगर्जन, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून का यह असर अगले दो-तीन दिनों तक लगातार बना रहेगा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में काले बादल छाए रहेंगे। मध्य झारखंड के रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा, चतरा और दक्षिणी झारखंड के पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में भी छिटपुट बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। 23 जुलाई को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज समेत संताल परगना और मध्य-दक्षिणी जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। इस दौरान कई स्थानों पर 30-40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। भले ही मानसून सक्रिय हुआ हो, लेकिन अब तक के आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में चालू मानसून सीजन में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में राज्य में औसतन 391.8 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक मात्र 261.4 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है। यानी झारखंड में अब तक 33 प्रतिशत बारिश की कमी रही है। यदि आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला नहीं चला, तो इसका सीधा नकारात्मक असर खरीफ फसलों की बुआई, जलाशयों के जलस्तर और भूजल रीचार्ज पर पड़ सकता है। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान आम लोगों और विशेषकर किसानों को खुले खेतों में न जाने की सलाह दी है। मेघगर्जन या वज्रपात की स्थिति में पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों की शरण लें और ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।