Good Morning India: सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं आज से, बांग्लादेश में शुरू होगा नया राजनीतिक युग! उत्तराखंड समेत 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट! आज लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा रिंग ऑफ फायर

Good Morning India: CBSE board exams begin today, a new political era begins in Bangladesh! Rain alert issued for 10 states, including Uttarakhand! The first solar eclipse of the year will occur toda

नमस्कार दोस्तों, आवाज 24X7 अपना खास कॉलम "गुड मॉर्निंग इंडिया" लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज अप्रत्यक्ष रूप से ईरान के साथ परमाणु वार्ता में शामिल होंगे। वहीं आज दो-दिवसीय भारत दौरे पर आएंगे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, AI इंपैक्ट समिट में होंगे शामिल।

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार यानी आज से शुरू हो रही हैं। इस साल दोनों कक्षाओं में कुल 43 लाख से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। 10वीं की परीक्षा की शुरुआत गणित बेसिक और गणित स्टैंडर्ड पेपर से होगी। वहीं 12वीं की परीक्षा बायोटेक्नोलॉजी, उद्यमिता और शॉर्टहैंड विषय से शुरू होगी। बोर्ड के मुताबिक 10वीं में 25,08,319 छात्र पंजीकृत हैं, जिनमें 14,08,546 छात्र और 10,99,773 छात्राएं शामिल हैं। 12वीं में 18,59,551 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 10,27,552 छात्र और 8,31,999 छात्राएं हैं। परीक्षाओं के लिए देशभर में 15,649 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 10वीं के लिए 8,075 और 12वीं के लिए 7,574 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा का समय सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक रहेगा। छात्रों को सुबह 10.00 बजे के बाद प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट अतिरिक्त दिए जाएंगे।

इधर बांग्लादेश में आज से एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत होने वाली है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के उत्तराधिकारी तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। पिछले सप्ताह हुएआम चुनावों में अपनी पार्टी को प्रचंड मिलने के बाद 60 वर्षीय रहमान सत्ता की कमान संभालने जा रहे हैं। बांग्लादेश में इस बार शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन 'बंगभवन' के बजाय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जाएगा। अब तक एक लंबे अर्से से 'बंगभवन'में शपथ ग्रहण की परंपरा रही है। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन आज दोपहर कैबिनेट के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ ही कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री और लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह के भी शामिल होने की संभावना है।

उधर देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। फरवरी के महीने में मार्च जैसी गर्मी पड़नी शुरू हो गई। तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी के बीच मौसम विभाग ने आज और कल यानी 17 और 18 फरवरी को 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अननुार, आज से 19 फरवरी तक 10 राज्यों में बारिश की संभावना है। जिन राज्यों में बारिश की संभावना है, उनमें यूपी, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और तमिलनाडु शामिल हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से, 17 और 18 फरवरी 2026 को वेस्टर्न हिमालयी इलाके में हल्की से मीडियम बारिश/बर्फबारी और नॉर्थवेस्ट इंडिया के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश/गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, 18 फरवरी तक ओडिशा में कुछ जगहों पर सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

इधर साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण मंगलवार, 17 फरवरी को लगेगा। यह एक विशेष प्रकार का चक्राकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे आम भाषा में रिंग ऑफ फायर कहा जाता है। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण दोपहर 12:31 बजे शुरू होगा और लगभग 2 मिनट 20 सेकंड तक चलेगा। हालांकि यह दुर्लभ खगोलीय घटना दक्षिणी गोलार्ध में दिखाई देगी, भारत में इसके दर्शन संभव नहीं होंगे क्योंकि उस समय सूर्य भारतीय क्षितिज के नीचे रहेगा। यह ग्रहण तब होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है। नासा के अनुसार, इस समय चंद्रमा पृथ्वी से अपेक्षाकृत अधिक दूर होता है। इसी वजह से वह सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। परिणामस्वरूप चंद्रमा एक छोटे काले डिस्क की तरह दिखाई देता है और उसके चारों ओर सूर्य का चमकदार घेरा बन जाता है। यही चमकता हुआ छल्ला रिंग ऑफ फायर कहलाता है। इस दौरान चंद्रमा सूर्य के केंद्र का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा ढक देगा, लेकिन किनारों पर सूर्य की तेज रोशनी बनी रहेगी। भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसका कारण यह है कि यह खगोलीय घटना दक्षिणी गोलार्ध में घटित होगी और उस समय भारत में सूर्य क्षितिज के नीचे रहेगा। इसी वजह से देश के किसी भी हिस्से से इसे प्रत्यक्ष रूप से देख पाना संभव नहीं होगा।

उधर दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 में सोमवार सुबह एक थेरेपी सेंटर की संचालिका दिव्या का गला उसके जीजा ने चाकू से रेत दिया। पीड़िता की हालत नाजुक बनी है। उसे अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी को स्थानीय लोगों ने छत से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। वेस्ट मेगा मॉल की इमारत में चल रहे थेरेपी सेंटर में सुबह करीब 12.21 बजे वारदात हुई। आरोपी जय प्रकाश यादव महिला के कपड़े पहनकर सेंटर में घुसा और अपनी साली का गला रेत दिया। घायल दिव्या शोर मचाते हुए बाहर निकली तो आसपास के लोग जुट गए। हमले के बाद आरोपी इमारत की छत पर पहुंचा, कपड़े बदलकर बैग में रखे और पड़ोस की छतों पर छलांग लगाते हुए भागने लगा। स्थानीय लोगों ने पीछा कर उसे एक मकान की छत से दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से बैग, महिलाओं के कपड़े और चाकू बरामद किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, प्रदेश में 21 फरवरी से शुरू हो रही उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए तीन स्तरों राज्य, मंडल और जिलास्तर पर सचल दल गठित होंगे। 1261 परीक्षा केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के मुताबिक उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा को लेकर विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के संस्थागत एवं व्यक्तिगत आवेदन पत्रों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर लिया गया है।

इधर सरकार ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल), पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) में हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया है। तीनों ऊर्जा निगमों में उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966 (एस्मा) लागू कर दिया गया है। प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने ऊर्जा निगमों में एस्मा की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत तीनों ऊर्जा निगमों में हड़ताल को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस आदेश के बाद अगर कोई संगठन हड़ताल करेगा तो उसके खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई की जाएगी।