बड़ी खबरः उत्तराखंड के बाद अब सिक्किम में भी दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति का विरोध! कल 19 अक्टूबर को होना है शपथ ग्रहण समारोह, तमाम संगठनों ने उठाए सवाल
नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति का विरोध तेज हो गया है। लगातार उठ रहे विरोध के बीच गौतम 19 अक्टूबर 2026 को सिक्किम के 22वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर को उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया था। हालांकि, इस नियुक्ति को लेकर सिक्किम में भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विरोध कर रहे लोगों की मांग है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए। वरिष्ठ राजनीतिज्ञ भरत बस्नेत ने नियुक्ति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी केवल उत्तराखंड की बेटी नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटी थी। उन्होंने सवाल किया कि दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल क्यों नियुक्त किया गया और इस विवाद में सिक्किम को क्यों जोड़ा जा रहा है, जबकि हत्याकांड का राज्य से कोई सीधा संबंध नहीं है। बस्नेत ने कहा कि राज्यपाल को संविधान के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त होता है। ऐसे में नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान की गरिमा बनाए रखना नागरिकों की जिम्मेदारी है और इसी भावना के तहत लोग नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि पार्टी सामाजिक मर्यादा और जनभावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर खुलकर अपना पक्ष क्यों नहीं रख रही है। बस्नेत ने सिक्किम के नागरिकों से भी मामले को गंभीरता से लेने की अपील की।
कांग्रेस ने डीसी कार्यालय परिसर में दिया धरना
इधर, सिक्किम प्रदेश कांग्रेस ने भी नियुक्ति के विरोध में शुक्रवार को गंगटोक स्थित जिला प्रशासनिक केंद्र (डीसी कार्यालय) परिसर में धरना दिया। पार्टी ने मांग की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल छेत्री ने भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। छेत्री ने भाजपा की तुलना ऐसी ‘वाशिंग मशीन’ से की, जिसमें शामिल होने के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे लोगों को पाक-साफ दिखाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने दुष्यंत कुमार गौतम का नाम सिक्किम के राज्यपाल पद के लिए नामित सूची से हटाने की मांग भी की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सिक्किम के नागरिकों के विरोध नहीं करने की धारणा के आधार पर ऐसी नियुक्ति की गई, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने कहा कि नागरिकों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और मामले की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर पुनर्विचार होना चाहिए।