गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केसः सुलझने के बजाए उलझती जा रही कहानी! जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच, डायरी पढ़कर हर कोई हैरान

Ghaziabad triple suicide case: Instead of being solved, the story is becoming more complicated! The investigation reveals a shocking truth, and everyone is shocked after reading the diary.

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित भारत सिटी सोसाइटी में तीन सगी बहनों के एक साथ सुसाइड केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं, जो घटना को और भी रहस्यमय बना रहे हैं। इस बीच बच्चियों की डायरी में हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। तीनों बहनें कोरिया और कोरियन ड्रामा से प्रभावित थीं। ये तीनों कोरिया के लड़कों से ही शादी करना चाहती थीं और उन्हीं की तरह लाइफस्टाइल चाहती थीं। हालांकि उनके माता-पिता उनको ऐसा करने से रोकते थे। वह भारतीय लड़कों से शादी कराने की बातें भी कहते थे। इसी वजह से तीनों ने सुसाइड कर लिया। लड़कियों ने अपने भाई को भी दुश्मन बना लिया था। क्योंकि, माता-पिता उसे कोरियन नाम से नहीं बुलाते थे। उनकी डायरी अंग्रेजी भाषा में लिखी गई है। इसमें उन्होंने लिखा है, ‘वी आर लव कोरियन लव लव लव... सॉरी। इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लो क्योंकि ये सब सच है। आई एम रियली सॉरी... सॉरी पापा। लो छुड़वाओगे हमसे कोरियन, कोरियन हमारी जान थी तो तुमने हिम्मत भी कैसे करी, हमसे हमारी जान छुड़वाने की। तुम नहीं जानते थे कि हम उन्हें कितना चाहते थे, लो अब देख लिया सबूत। अब तो यकीन हो गया यहां कि कोरियन और के पोप हमारी जान है। जितना हम कोरियन एक्टर और के पोप ग्रुप को चाहते थे न उतना हम तुम घरवालों को भी नहीं चाहते थे। कोरियन तो हमारी जान थी पर कोरियन के अलावा कुछ और भी ऐसा था जिसे हम अपनी जान से भी ज्यादा चहाते थे। तुम लोगो के लिये ऑप्शन लिखे हुये हैं।

सुलझने के बजाए उलझती जा रही कहानी  
सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सच अब सामने आया है कि तीनों बहनों ने एक साथ छलांग नहीं लगाई थी। पुलिस जांच में यह बात स्पष्ट हुई है कि दो बहनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर बालकनी से साथ में छलांग लगाई, जबकि तीसरी बहन ने पूजा कक्ष की खिड़की से अलग से कूदकर जान दे दी। यह तथ्य कई सवाल खड़े करता है। अगर यह एक सामूहिक फैसला था, तो तीनों ने एक ही जगह से छलांग क्यों नहीं लगाई? अगर यह अचानक लिया गया निर्णय था, तो छलांग का यह क्रम कैसे बना?