ऊधम सिंह नगर में फिर गरजा बुल्डोजर: सरकारी भूमि पर बने अवैध मदरसा सहित कई निर्माण ध्वस्त,कांग्रेस विधायक ने किया विरोध

धामी सरकार इन दिनों सरकारी जमीनों पर हो रखे अतिक्रमण को हटवाने में लगी हुई है। इसी क्रम में शनिवार को प्रशासन ने ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा में बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन की टीम ने पुलिस बल के साथ सरकारी जमीन पर बने अवैध मदरसे को बुलडोजर से ध्वस्त किया। प्रशासन की तरफ से बताया गया कि उन्होंने पहले ही अवैध मदरसे को सीज कर नोटिस जारी कर दिया था। नोटिस के बावजूद भी मदरसा संचालक ने अतिक्रमण नहीं हटाया. इसके बाद आज शनिवार सुबह को प्रशासन की टीम ने मदरसे सहित तीन दुकानों को ध्वस्त कर दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अतिक्रमण एवं अवैध मदरसों के खिलाफ जारी अभियान के तहत ग्राम कुर्रेया में सरकारी भूमि पर कब्जा करके बनाया गया अवैध मदरसा सहित तमाम ढांचो को आज तड़के प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। शनिवार तड़के जिला अधिकारी के दिशा निर्देश पर प्रशासन द्वारा मय पुलिस फोर्स के आकर जेसीबी मशीनों एवं डंपरों सहित अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू की तथा 4 घंटे तक ध्वस्तिकरण की कार्यवाही चलती रही प्रशासन द्वारा अतिक्रमित क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करते हुए मौके से मलवा हटाने का कार्य किया। इस दौरान लोगों द्वारा अतिक्रमण तोड़े जाने का हल्का विरोध किया गया। बताया जा रहा है कि अवैध मदरसा बीते 17 सालों से सरकारी भूमि पर काबिज था, जिसे आज प्रशासन की टीम ने बुल्डोजर से जमींदोज किया। प्रशासन की इस कार्रवाई का स्थानीय विधायक ने विरोध भी करना चाह, लेकिन पुलिस ने विधायक को मौके पर ही नहीं जाने दिया और पहले ही रोक लिया। अतिक्रमण हटाने के दौरान भारी पुलिस को तैनात किया गया था। प्रशासन के मुताबिक किच्छा तहसील के ग्राम कुरैया में सरकारी भूमि के खाता संख्या 538 के खसरा नंबर 1288 पर अतिक्रमण कर अलजामियातुल हुसैनिया मदरसा संचालित हो रहा है। साथ ही इसके आसपास की भूमि पर कब्जा कर तीन दुकानों का निर्माण किया गया था। कोर्ट के आदेश पर अवैध अतिक्रमण कर बनाए गए मदरसे और दुकानों को 20 मार्च को सीज कर दिया गया था। साथ ही अतिक्रमण को हटाने का नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन मदरसा प्रबंधक ने अपने स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं आज जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस फोर्स के साथ अतिक्रमण स्थल पर पहुंची और सरकारी जमीन पर बनाए गए मदरसे सहित तीनों दुकानों को ध्वस्त किया गया। ध्वस्तीकरण का विरोध करने पहुंचे क्षेत्रीय विधायक तिलक राज बेहड़ और उनके समर्थकों को पुलिस प्रशासन ने अतिक्रमण स्थल से पहले ही रोक लिया।