सावधान!क्या आप भी बालों को धोने के लिए ये शैम्पू करते है इस्तेमाल? Dove और Tresemme के शैंपू से कैंसर का खतरा! यूनिलीवर के ये प्रोडक्ट्स रिटेलर्स कर रहे है वापस

Be Alert! Do you also use these shampoos to wash your hair? Dove and Tresemme shampoos pose cancer risk! Retailers are returning these Unilever products

भारत:31/10/2022

आप सभी अपने बालों को धोने के लिए बढ़िया से बढ़िया शैम्पू इस्तेमाल करते होंगे। ये शैम्पू अगर कैंसर का कारण बन जाये तो क्या होगा? जी हां अब तक आप जिन शैम्पू को भरोसेमंद समझ रहे थे वो दरअसल कैंसर का एक बड़ा कारण साबित हो रहे है। यूनिलीवर के इन शैम्पू में बेंजीन Benzene कैमिकल पाया है जो कैंसर के टिशू बनाता है।


दुनिया की जानीमानी कम्पनी यूनिलीवर के सबसे ज्यादा पसन्द किये जाने वाले ये शैम्पू डव Dove, ट्रेसेमे TRESemme,Nexxus, Suave, और TIGI शामिल है। इन प्रोडक्ट्स में बेंजिन की मात्रा तय मानक से अधिक पाई गई है, जिससे कैंसर का खतरा हो सकता है. ये दोनों प्रोडक्ट अमेरिका में काफी बिकते हैं. कैंसर के खतरे को देखते हुए यूनिलीवर ने सभी रिटेलर को इन्हें बाजार से हटाने के लिए कह दिया है.कंपनी ने इस बाबत आदेश भी जारी किया है.फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, यूनिलीवर के यह प्रोडक्ट अक्टूबर 2021 से पहले बन चुके हैं और दुनियाभर के रिटेलर्स को सप्लाई भी किए गए हैं, हालांकि अब कंपनी इन्हें वापिस ले रही है.
विशेषज्ञ बताते हैं कि ड्राई शैम्पू बालों को गीला किए बिना ही साफ कर देता है. इसमें काफी मात्रा में स्टार्च आधारित स्प्रे होता है.जो सूघने या स्किन के जरिए शरीर में पहुंच जाता है. अगर इनमें बेंजिन की मात्रा ज्यादा होती है तो ये कैंसर का कारण बन जाता है।
अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन की एक रिपोर्ट में भी बताया गया है कि यूनिलीवर के इन शैंपू में बेंजीन (benzene) कैमिकल पाया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस केमिकल के उपयोग से कैंसर हो सकता है। अमेरिका फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के मुताबिक ये प्रॉडक्ट्स अक्टूबर 2021 से पहले बनाए गए थे और पूरे देश में रिटेलर्स को डिस्ट्रीब्यूट किए गए थे।
ट्रेसमे और डोव ड्राई शैंपू को इस्तेमाल करने वालों की संख्या काफी अधिक है. ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि जो लोग इन शैंपू का इस्तेमाल कर रहे थे क्या अब उनको अब कैंसर हो सकता है? ऐसे में लोगों को अब क्या करना चाहिए?
ऐसे सवालों पर विशेषज्ञ कहते है कि जो लोग ट्रेसमे और डोव ड्राई शैंपू का इस्तेमाल कर चुके हैं और उन्हें अब सतर्क रहना होगा. पहले तो तुरंत इनका प्रयोग बंद कर दें. डॉक्टर को बताना होगा कि वे इनका इस्तेमाल कितने सालों से कर रहे हैं. इसके साथ ही हर 6 महीने में कैंसर की स्क्रीनिंग करानी होगी. अगर कैंसर का कोई लक्षण दिख रहा है तो तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करे, जो लोग पिछले कई सालों से नियमित रूप से इन दोनों शैंपू का ही इस्तेमाल कर रहे हैं वे इन बातों का विशेष ध्यान रखें.
इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर चुके लोगों को अपनी डाइट में अब एंटीऑक्सीडेंट को जरूर शामिल करना चाहिए. इनके सेवन से कैंसर होने का खतरा काफी कम होता है. एंटीऑक्सीडेंट कैंसर के विरोधी होते है. विटामिन सी, हरी सब्जियों और फलों में सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट होते हैं.

इसके अलावा राजमा, चकुंदर, लहसून, धनिया, नींबू और ब्रोकली में भी काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. जो व्यक्ति नियमित रूप से इनका सेवन करता है उसे कैंसर होने की आशंका काफी कम होती है. एंटीऑक्सीडेंट के लिए कई प्रकार के विटामिन मेडिसिन भी आती हैं।
इन प्रोडक्ट्स से पहले भी कई प्रकार के एयरोसोल प्रोडक्ट्स जैसे न्यूट्रोगेना और जॉनसन एंड जॉनसन से भी इस तरह के खतरे की बात सामने आ चुकी है.