आप का बड़ा फैसलाः पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाया! अशोक मित्तल को सौंपी अहम जिम्मेदारी, संगठन में नए समीकरण तैयार

AAP's big decision: The party has removed Raghav Chadha from the post of Rajya Sabha Deputy Leader! Ashok Mittal has been given a key responsibility, creating new organizational alignments.

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी में एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। पार्टी ने राज्यसभा में अपने उपनेता पद से राघव चड्ढा को हटा दिया है, जिसे उनके लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। पार्टी ने अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में डिप्टी लीडर यानी उपनेता की जिम्मेदारी सौंपी है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को औपचारिक पत्र भेजकर जानकारी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब राघव चड्ढा पिछले कुछ समय से पार्टी और उससे जुड़े अहम मुद्दों पर चुप नजर आ रहे थे। इतना ही नहीं, पार्टी ने हाल ही में उन्हें आगामी विधानसभा चुनावों के स्टार प्रचारकों की सूची से भी बाहर कर दिया था। जानकारी यह भी सामने आई है कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से यह अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए, जिससे यह संकेत मिलता है कि संगठन के भीतर उनकी भूमिका सीमित की जा रही है। हालांकि पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट या अनुशासनात्मक कारण नहीं है और राघव चड्ढा को किसी भी पार्टी-विरोधी गतिविधि का दोषी नहीं पाया गया है। लेकिन यह जरूर माना जा रहा है कि पार्टी इस बदलाव के लिए लंबे समय से सही समय का इंतजार कर रही थी।

सूत्रों के अनुसार राघव चड्ढा कई महत्वपूर्ण मौकों पर पार्टी गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थे। इनमें वह समय भी शामिल है जब अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति मामले में राहत मिलने के बाद पार्टी ने शक्ति प्रदर्शन किया था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान चड्ढा धीरे-धीरे पार्टी नेतृत्व से दूर होते गए। हालांकि फिलहाल उन्हें निलंबित करने की कोई योजना नहीं है। पार्टी नहीं चाहती कि इस तरह के किसी कदम से उन्हें राजनीतिक सहानुभूति का दर्जा मिल जाए। गौरतलब है कि हाल ही में राघव चड्ढा ने मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ान यात्री कैफे की सराहना की थी, जो महाराष्ट्र में एनडीए सरकार के तहत संचालित है। इस बयान के भी राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। फिलहाल यह साफ है कि आम आदमी पार्टी के भीतर बड़ा रणनीतिक बदलाव चल रहा है और आने वाले दिनों में इसकी दिशा और भी स्पष्ट हो सकती है।