भ्रष्टाचार से टकराकर 7 गोलियां खाने वाले IAS रिंकू सिंह राही ने दिया इस्तीफा, सिस्टम पर उठाए सवाल! ,आज इस्तीफे के बाद उठे कई सवाल

IAS Officer Rinku Singh Rahi—who took seven bullets while confronting corruption—resigns, raising questions about the system! Many questions surface today following his resignation.

उत्तर प्रदेश के 2022 बैच के IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपने त्यागपत्र में आरोप लगाया है कि लंबे समय से उन्हें कोई जिम्मेदारीपूर्ण कार्य या फील्ड पोस्टिंग नहीं दी जा रही थी।
अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि वे उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद से संबद्ध थे, लेकिन वहां केवल वेतन प्राप्त हो रहा था, जबकि जनसेवा और प्रशासनिक कार्यों का कोई वास्तविक अवसर नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने इसे अपने लिए “नैतिक निर्णय” बताते हुए नौकरी छोड़ने का फैसला किया।
बताया जा रहा है कि करीब 8 महीने पहले उन्हें शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद से उन्हें किसी भी प्रकार की फील्ड पोस्टिंग नहीं दी गई। इससे पहले वे पुवायां तहसील में SDM के पद पर तैनात थे।
उसी दौरान एक घटना के चलते वे चर्चा में आए थे, जब खुले में शौच करने के मामले में उन्होंने एक मुंशी से उठक-बैठक कराई थी। इस पर वकीलों के विरोध के बाद मामला तूल पकड़ गया था और बाद में वे खुद भी प्रतीकात्मक रूप से उठक-बैठक करते नजर आए थे। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें वहां से हटा दिया गया था।
42 वर्षीय रिंकू सिंह राही का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। वे हाथरस के रहने वाले हैं और 2022 बैच के IAS अधिकारी हैं। इससे पहले वे 2004 में PCS परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में आए थे और 2008 में जिला समाज कल्याण अधिकारी बने।
2009 में मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान उन्होंने स्कॉलरशिप और पेंशन में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। इसके बाद 26 मार्च 2009 को उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उन्हें सात गोलियां लगीं। इनमें से दो गोलियां चेहरे पर लगीं, जिससे उनका जबड़ा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ, एक आंख की रोशनी चली गई और एक कान भी प्रभावित हुआ।
हमले के बाद उन्हें लंबे समय तक इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। बाद में उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जारी रखा और RTI के माध्यम से जानकारी मांगते रहे, लेकिन समय पर जवाब नहीं मिला।
2012 में उन्होंने लखनऊ में अनशन भी किया था, जिसके बाद उन्हें मानसिक स्वास्थ्य संस्थान भेजे जाने की घटना भी चर्चा में रही।
दिव्यांग कोटे से UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर रिंकू सिंह राही ने 2021 में 683वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद वे 2022 बैच के IAS अधिकारी बने। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने के बावजूद उन्होंने सरकारी स्कूलों और स्कॉलरशिप की मदद से अपनी पढ़ाई पूरी की और इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।