Oct 09, 2026 Login
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उत्तराखंड में 167 आंगनबाड़ी वर्कर्स बनीं सुरवाइजर! सीएम पुष्कर धामी ने सौंपा नियुक्ति पत्र

167 Anganwadi workers became supervisors in Uttarakhand! CM Pushkar Dhami handed over the appointment letter

उत्तराखंड की 167 आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी वर्करों को सुपरवाइजर के पद नियुक्ति दी गई है। जिन्हें सीएम धामी ने नियुक्ति पत्र सौंपा। इस मौके पर सीएम धामी ने नंदा गौरा योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के ऑनलाइन पोर्टल का भी शुभारंभ किया। महालक्ष्मी किट योजना के पोर्टल से सालाना करीब 50 हजार धात्री महिलाओं और नवजात शिशुओं को आवश्यक कपड़े एवं किट की सामग्री मिलेगी। जबकि नंदा गौरा योजना के पोर्टल से भी आवेदकों को कई सुविधाएं मिलेंगी। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवनियुक्त आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी वर्करों को सुपरवाइजर पद के लिए नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस मौके सीएम धामी ने सुपरवाइजर पद में नियुक्त समस्त आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी वर्करों को बधाई दी।  उन्होंने कहा कि समाज में आंगनबाड़ी वर्करों की भूमिका मां यशोदा की तरह है। जो बच्चों के पोषण से लेकर उनके बेहतर भविष्य की नींव रखती हैं। साथ ही कहा कि सरकार लगतारा आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति को मजबूत कर रही है। दरअसल उत्तराखंड में 167 आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी वर्करों को सुपरवाइजर पद में नियुक्ति दी गई है। जिन्हें आज देहरादून में नियुक्त पत्र सौंपा गया। इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि दुर्गाष्टमी के पावन पर्व पर यह नियुक्ति और भी विशेष हो जाती हैं। सभी मातृशक्ति मां दुर्गा के समान ही हैं. आंगनबाड़ी बहनों की समाज में अहम भूमिका है शिशुओं को बेहतर संस्कार देने का काम अत्यंत प्रशंसनीय है। सभी आंगनबाड़ी बहनें मां यशोदा के समान हैं जो बच्चों के पोषण से लेकर उनके बेहतर भविष्य की नींव तैयार करने में विशेष योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत के लक्ष्य को साकार करते हुए आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय को भी डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित करने का काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में 3,940 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए स्वीकृति दी है। इन भवनों का निर्माण 462 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। सीएम धामी ने कहा कि महिलाओं के उत्थान को लेकर सरकार तेजी से काम कर रही है। लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, महिला स्वयं सहायता समूह के लिए विशेष कोष का गठन किया गया है। ताकि महिलाएं और सशक्त के साथ मजबूत हो सके।