वायरल वीडियो से मचा बवालः तो क्या सच में 9 साल की लड़की बनी मां! सगे भाई पर आरोप, सोशल मीडिया में मची सनसनी! ‘फैक्ट चेक’ ने बताया भ्रामक दावा

Viral video sparks controversy: Did a 9-year-old girl really become a mother? Her own brother is accused, causing a sensation on social media! Fact Check debunks the claim.

यूं तो सोशल मीडिया पर हर रोज अनगिनत चौंकाने वाले मामले सामने आते रहते हैं, जिन्हें न केवल पहचानना मुश्किल होता है, बल्कि ये भी नहीं कहा जा सकता है कि ये सच है या झूठ। ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है और इस वायरल वीडियो को लेकर खासा बवाल मचा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो हरियाणा के कैथल का है। जिसमें कहा जा रहा है कि एक 9 साल की बच्ची मां बन गई है और उसे गर्भवती करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका सगा भाई है। इस वीडियो से इंटरनेट पर बवाल मच गया है। लोग इसे कलयुग से जोड़कर कई प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर ये वीडियो काफी फैलाया जा रहा है। इस घटना को बेहद भावनात्मक और डरावने तरीके से पेश किया जा रहा है। हालांकि सवाल ये है कि क्या इस उम्र में बच्ची का मां बनना संभव है? डॉक्टरों के अनुसार गर्भधारण के लिए शरीर में ओव्यूलेशन यानी अंडाणु का निकलना जरूरी होता है, जो नियमित माहवारी शुरू होने के बाद ही संभव होता है। ऐसे में 9 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी और फिर सुरक्षित डिलीवरी होना लगभग नामुमकिन माना जाता है। वायरल वीडियो में एक छोटी लड़की गोद में बच्चा लिए उसे खिला रही है। वीडियो के कैप्शन में 9 साल की लड़की या सगे भाई वाली बात लिखी गई है। बताया जाता है कि जब इस घटना का पता चला तब बच्ची 7-8 महीने की गर्भवती थी और उसने कथित तौर पर बच्चे को जन्म दिया। माता-पिता पर आरोप है कि उन्होंने बच्ची की उपेक्षा की और बेटे को बचाने की कोशिश में उसे पुलिस स्टेशन में छोड़ दिया। फिलहाल इस बारे में कोई और आधिकारिक जानकारी नहीं है। आजकल इस तरह के वायरल पोस्ट अक्सर झूठे ही पाए जाते हैं। ये वीडियो हर कोई अपनी तरीके और अपनी धारणा से पोस्ट कर रहे हैं।

फैक्ट चेक में भ्रामक पाया गया दावा 
जब इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच की गई, तो तस्वीर पूरी तरह से अलग नजर आई। इस खबर को लेकर फैल रही सनसनी के बीच ‘फैक्ट चेक’ ने पाया कि यह दावा भ्रामक है। इस घटना को लेकर न तो हरियाणा पुलिस और न ही कैथल के स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड में ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। यह पूरी कहानी केवल सोशल मीडिया के असत्यापित स्रोतों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य केवल सनसनी फैलाना प्रतीत होता है।