उत्तराखंड: कूड़े से निजात पाने के लिए अब सीधे हाईकोर्ट में करें शिकायत! 48 घँटों में खुद दोनों मंडलों के आयुक्तों को हटवाना पड़ेगा कचरा, कैसे करें शिकायत खबर के लिंक में देखिए
उत्तराखंड के शहरों की स्वच्छता रैंकिंग नीचे गिरने की वजह से हाईकोर्ट ने इस मामले में गहरी चिंता व्यक्त की है। इसके लिए ईमेल एड्रेस बनाया गया है Solidwaste-complaint@uk.gov.in जिस में अब कोई भी नागरिक सॉलिड वेस्ट और कचरे की शिकायत दर्ज कर सकते है। ये ईमेल आईडी कुछ दिनों में एक्टिव हो जाएगी जिसके बाद आप सीधे हाईकोर्ट रजिस्ट्रार से शिकायत कर सकेंगे।
इन शिकायतों को खुद दोनों मंडलों के आयुक्तों को संज्ञान में लेकर ग्राउंड लेवल पर कार्य करना होगा और दोनों आयुक्त अपने क्षेत्र की शिकायतों का निस्तारण 48 घंटे के भीतर कर उसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में देंगे। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने राज्य में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगाने, जहां - तहां बिखरे प्लास्टिक कचरे का निस्तारण करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में जिलाधिकारियों की ओर से पेश शपथपत्रों पर सख्त नाराजगी जताई। कहा कि प्लास्टिक और दूसरे कचरे के निस्तारण के लिए जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हो रहा है केवल कागजों में ही काम दिखाई दे रहे है। मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी। इस मामले में दोनों मंडलों के आयुक्तों को सम्बंधित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ गांवों में जाकर देखना होगा और वहां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की जानकारी लेनी होगी,वही हाईकोर्ट ने शहरों में लिगेसी वेस्ट यानी पुराना कूड़ा के निस्तारण के लिए भी निकायों को आखिरी मौका दिया और कहा इसके बाद अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही ही की जायगी।

