उत्तराखंड : ये महिलाएं बनी मिसाल, पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम भी कर चुके है इन महिलाओं की सराहना
पहाड़ की महिलाओं को आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हे आत्म निर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजिका मिशन के महिला स्वंय सहायता समूहों के द्वारा कार्य किया जा रहा है। जिससे स्वंय से आज महिलायें आत्म निर्भर बनने के साथ आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने लगी है। ऐसा ही एक समूह है जय "मां भगवती समूह थल"। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूरी पर स्थित थल कस्बे में तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन सीडीओ वंदना सिंह ने महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए एक समूह के माध्यम से जोड़ा था । महिलाओं ने समूह के द्वारा पहाड़ो मेें मिलने वाले पौष्टिक अनाज मडुवे से बने बिस्कुट की बेकरी खोलने का निर्णय लिया। शुरूवाती दौर में महिलाओं को बाजार नही मिलने से कुछ परेशानी का सामना भी करना पड़ा, लेकिन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को बिस्कुट बनाने के लिए उपकरण देने के साथ साथ प्रशिक्षण भी मिला। वर्तमान में इस महिला समूह के द्वारा प्रतिदिन 1200 पीस बिस्कुट के बनाये जा रहे है जिससे समूह की आय होने के साथ समूह से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी अच्छी होने लगी है।

आपको बता दें कि प्रदेश का पहला मडुवा बेकरी ग्रोथ सेंटर होने के कारण यहां पर महिलाओं को समूह के द्वारा एक अलग पहचान मिली। महिलाओं के कार्य को देखते हुए पूर्व में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने महिला समूह से वर्चुअल संवाद कर इनके कार्यो की भी सरहाना की और सरकार से मदद दिलाने का भरोसा भी दिलाया है।पूर्व में इस समूह को प्रदेश और जिलेे स्तर पर भी सम्मानित किया जा चुका है। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा ने बताया कि यहा की महिलाये पूरे प्रदेश के लिए प्ररेणा स्तोत्र है। यहां पर बनने वाले बिस्कुटों को आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से वर्तमान में जिले के सभी विकास खंडो में दिये जा रहे है भविष्य में प्रदेश के अन्य जनपदों में बिस्कुटों को बाजार मिल सके इसके लिए सीएम से वार्ता करने की बात चल रही है और जिले के अन्य स्थानों में भी मुडवे के बेकरी खोलने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पहाडो से विलुप्त हो रहे मुडवे की खपत को इस बेकरी में देखते हुए एक बार फिर मुडवे की फसल को ग्रामीणों ने उगाना शुरू कर दिया है। यहां पर महिलाओं के कार्य को देखते हुए अन्य महिलाओं में भी काफी उत्साह देखने को मिला है,महिला समूह के द्वारा किये जा रहे कार्य को देखने के लिए जिले सहित प्रदेश के कई स्थानों से महिलाओं के समूह यहां पर एक्सपोजर विजिट में आने के साथ साथ मडुवे के बिस्कुट अपने क्षेत्र में बनाने की तैयारी भी शुरू की है ।जिस तरह से यहां पर महिला समूह के द्वारा कार्य किया जा रहा है उससे देखते हुए यह लगाता है आत्म निर्भर महिला शक्ति अभियान को अवश्य बढ़ावा मिल रहा है। महिलाओं की आज यहां पर आर्थिक स्थिति मजूबत हो रही है। लेकिन समय समय पर महिलाओं को सरकार से मदद मिले ओर यहा पर बन रहे बिस्कुट को बाजार मिले तो अवश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति और ज़्यादा मजूबत होने के साथ महिलाएं आत्मनिर्भर भी हो सकेंगी I