उत्तराखंड बिजली संकट! हफ्तेभर और झेलिये बिजली संकट! रोजेदारों की बढ़ेंगी मुश्किलें, रूस यूक्रेन युद्ध है बिजली कटौती की मुख्य वजह!
भयंकर गर्मी और गर्मी से निजात न मिलने पर पूरे उत्तराखंड में लोगो की नाराजगी सरकार के प्रति और ज़्यादा बढ़ गयी है,क्योंकि अब उत्तराखंड वासियों को आने वाले एक हफ्ते या अधिक समय तक बिजली की किल्लत झेलनी पड़ेगी। ये महीना रमजान का है रोजेदारों को बिजली कटौती से और ज़्यादा मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। तराई क्षेत्र में इनदिनों तापमान 35 से 40 डिग्री चल रहा है और ज़्यादातर शहरों में हर रोज 6 से 7 घण्टे की बिजली कटौती की जा ही है। यूपीसीएल की माने तो एक सप्ताह लगेगा कटौती को नियंत्रित करने में। ऐसे में अगले 7 दिनों में रोजेदारों को तपती गर्मी में रोजे रखने पड़ेंगे।
सूबे के मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी ने प्रदेश में हो रही बिजली की कटौती पर सख्ती की तब यूपीसीएल ने करीब 36 मेगावाट बिजली का इंतज़ाम किया जो प्रदेशभर के लिए ऊंट के मुंह मे जीरा जैसा है। राज्य को फ़िलहाल 100 मेगावाट से ज़्यादा बिजली की आवश्यकता है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने उत्तराखंड की जनता को भरोसा दिलवाते हुए कहा है कि सप्ताहभर में बिजली कटौती को नियंत्रित कर लिया जाएगा।उन्होंने बताया कि बिजली की ये समस्या केवल उत्तराखंड में ही नही बल्कि देशव्यापी समस्या है इसकी वजह रूस यूक्रेन युद्ध की वजह से गैस आधारित पॉवर प्लांट बंद है।उन्होंने बताया कि कोयला आधारित प्लांट भी इस वक्त युद्ध की वजह से मुश्किल हालातो में है। उत्तराखंड की बात करे तो यूपीसीएल के एमडी ने बताया कि राज्य में बिजली की उपलब्धता कम और दर महंगी है इन हालातों को हम काबू करने की कोशिश कर रहे है। उन्होंने इस मामले में केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से संपर्क कर गैर आवंटित कोटे के तहत राज्य के लिए 100 मेगावाट बिजली मांगी जिसमे से फ़िलहाल 36 मेगावाट बिजली असम से उपलब्ध हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग अन्य विकल्पों से बिजली खरीदने की कोशिशें कर रहा है।