उत्तराखंड: राज्य बनने के बाद पहले बैच के PCS अधिकारी बने IAS! हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी थी लंबी कानूनी लड़ाई
उत्तराखंड में पीसीएस(PCS) अधिकारियों के प्रमोशन की अधिसूचना बीते रोज जारी कर दी गई है। उत्तराखंड के प्रशासनिक सेवा के पहले बैच 2002 के 18 अधिकारियों में से 12 अधिकारियों को 2002 में ही IAS कैडर दे दिया गया था,लेकिन बाकी 6 अधिकारियों को रिक्त पद न होने के चलते लंबा इंतजार करना पड़ा। इन अधिकारियों को इस लंबी लड़ाई के लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा था।कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद 2022 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सीधी भर्ती वाले अधिकारियों के पक्ष में आने के बाद 2002 बैच वे PCS अधिकारी आनंद श्रीवास्तव, ललित मोहन रयाल, हरीश कांडपाल, गिरधारी रावत,मेहरबान सिंह,आलोक पांडे, बंशीधर तिवारी,रुचि रयाल, दीप्ति सिंह,रवनीत चीमा,झरना कमठान, संजय कुमार, नवनीत पांडे,प्रशांत आर्य,आशीष भटगई,विनोद गिरी गोस्वामी, निधि यादव, और प्रकाश चंद IAS बनने के पात्र हो गए लेकिन इनमें से 12 अधिकारियों को IAS कैडर दिया गया बाकी 6 रह गए थे।उत्तराखंड में जिन पीसीएस अधिकारियों को अब IAS कैडर मिल रहा है, उसमें रवनीत चीमा, विनोद गिरि गोस्वामी, प्रशांत कुमार आर्य, आशीष कुमार भटगाई, प्रकाश चंद और दीप्ति सिंह शामिल हैं।
इन PCS अधिकारियों का इंतजार लगातार बना हुआ था, ऐसे में इंतजार को खत्म करते हुए भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

