नैनीतालः रुख़सत हों तो कुछ ऐसी रौशनी छोड़ जाएं हम... मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता का कार्यकाल पूरा, हाईकोर्ट में फुल कोर्ट रेफरेंस के साथ दी गई विदाई
नैनीताल। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता आज 8 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के मौके पर आज अपराह्न 3ः30 बजे मुख्य न्यायाधीश न्यायालय में एक फुल कोर्ट रेफरेंस (विदाई समारोह) का आयोजन किया गया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय की बार एसोसिएशन, अधिवक्ताओं से प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मुझे जो सहयोग और स्नेह मिला, उसके लिए मैं सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। उन सभी लोगों का विशेष धन्यवाद, जिन्होंने इस पूरी यात्रा में मेरा साथ दिया और इसे इतना सार्थक बनाया। मेरे लिए एक विषय हमेशा विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, बेंच की क्षमता बढ़ाना। न्यायालय लंबे समय से जजों की भारी कमी के बीच काम कर रहा है। मैंने पूरी निष्ठा के साथ प्रयास किया कि मौजूदा रिक्तियों को जल्द से जल्द भरा जा सके। यदि सब कुछ अपेक्षाओं के अनुरूप रहा, तो मुझे उम्मीद है कि बहुत जल्द बेंच की संख्या में वृद्धि देखने को मिलेगी।
उन्होंने कहा जाते-जाते बस एक पंक्ति याद आती है, रुख़सत हों तो कुछ ऐसी रौशनी छोड़ जाएं हम! इन्हीं भावनाओं के साथ, कृतज्ञता से भरे हृदय और आगे की यात्रा के लिए आशा के साथ, मैं आप सभी से विदा लेता हूं। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीसीएस रावत ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां रही हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि जजों की संख्या बढ़ाने को लेकर है। अगर जजों की कमी पूरी होती है तो उत्तराखंड में लोगों को सुलभ, सस्ता और जल्द न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए भावुक करने वाला क्षण है। हम एक ऐसे व्यक्तित्व को आज विदाई दे रहे हैं, जिस व्यक्तित्व ने उत्तराखंड हाईकोर्ट को आगे बढ़ाने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया।