उत्तराखण्ड: नॉइस पॉल्यूशन कंट्रोल नियमों के प्रभावी अनुपालन पर हाईकोर्ट ने जताई गंभीरता! याचिकाकर्ता को सरकार के शपथ पत्र के जवाब में प्रति-शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश
नैनीताल। उत्तराखंड में नॉइस पॉल्यूशन कंट्रोल रेगुलेशन को प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर दायर याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता को सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र के जवाब में प्रति-शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तारीख तय की है। बता दें कि अल्मोड़ा निवासी जितेंद्र यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि राज्य सरकार ने साइलेंस जोन और रेजिडेंशियल जोन को लेकर अधिसूचना तो जारी कर दी है, लेकिन इन क्षेत्रों का उचित सीमांकन और वर्गीकरण नहीं किया गया है। इसके चलते जिन इलाकों को शांत क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए, वहां भी ध्वनि प्रदूषण की समस्या लगातार बनी हुई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि नियम और अधिसूचना जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी अनुपालन नहीं हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अब याचिकाकर्ता को सरकार के शपथ पत्र के खिलाफ प्रति-शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।