रोजी-रोटी की तलाश में जा रहे पीलीभीत के 5 मजदूरों की दर्दनाक मौत: सोनीपत में भीषण सड़क हादसा, लोडर के उड़े परखच्चे,गांव में मचा कोहराम
पीलीभीत। घर-परिवार के भरण-पोषण और रोजी-रोटी की उम्मीद में हरियाणा के लिए निकले पीलीभीत के मजदूरों पर कुदरत का कहर टूट पड़ा। बृहस्पतिवार तड़के हरियाणा के सोनीपत जिले में खरखौदा बस अड्डे के समीप एक बेकाबू लोडर वाहन भीषण हादसे का शिकार हो गया। इस दर्दनाक सड़क दुर्घटना में चालक सहित पीलीभीत के 5 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना जैसे ही पीलीभीत स्थित उनके गांव पहुंची, चारों ओर चीख-पुकार और मातम पसर गया।
ग्रामीणों के मुताबिक दियोरिया कलां थाना क्षेत्र के गांव बड़ेपुरा कुसुमा से 11 मजदूर और एक चालक समेत कुल 12 लोग लोडर वाहन से हरियाणा में मजदूरी करने के लिए निकले थे। बताया गया कि बृहस्पतिवार तड़के करीब चार बजे खरखौदा बस अड्डे के पास उनका वाहन भीषण हादसे का शिकार हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन में सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे में रामनरेश (35), अग्रपाल मौर्य (30), सुशील शर्मा (22) और चालक आरिफ की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल मेवाराम (40) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक ही गांव से रोजी-रोटी के लिए निकले लोगों की मौत की खबर ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे में खुशीराम शर्मा (55), प्रमोद मौर्य (18), संजीव मौर्य (25), पातीराम वर्मा (27), महेंद्र पाल मौर्य (60), हरिशंकर वर्मा (35) और विवेक (20) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए पीजीआई मेडिकल कॉलेज, रोहतक में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर भी मदद के प्रयास तेज किए गए। किसान नेता देवस्वरूप पटेल ने खरखौदा थाना प्रभारी अनिल कुमार से दूरभाष पर बातचीत कर हादसे और घायलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधिकारी से घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का आग्रह किया। हादसे की जानकारी पीलीभीत सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद को भी व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई। बताया गया कि केंद्रीय राज्यमंत्री ने हरियाणा के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर घायलों के उपचार समेत हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। खरखौदा थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि सभी घायलों का पीजीआई रोहतक में उपचार चल रहा है। उन्होंने मेवाराम की उपचार के दौरान मृत्यु की पुष्टि की। पुलिस के अनुसार मृतकों के परिजन हरियाणा पहुंच रहे हैं। उनके पहुंचने के बाद पंचनामा की कार्रवाई की जाएगी और इसके बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। हादसे की खबर के बाद बड़ेपुरा कुसुमा गांव में मातम पसरा हुआ है। जिन परिवारों के सदस्य रोजी-रोटी कमाने के लिए घर से निकले थे, वहां अब अपनों के शव लौटने का इंतजार है। परिजन और ग्रामीण उम्मीद लगाए बैठे हैं कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जल्द पूरी हो, ताकि मृतकों के शव गांव लाए जा सकें। एक साथ पांच लोगों की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। हादसे ने एक बार फिर यह दर्दनाक तस्वीर सामने रख दी है कि परिवार की रोजी-रोटी के लिए घर से दूर निकलने वाले मजदूरों का सफर कई बार कितना जोखिम भरा हो जाता है। फिलहाल गांव की निगाहें रोहतक में उपचार करा रहे घायलों की हालत और हरियाणा से मृतकों के शव गांव पहुंचने पर टिकी हैं।