नैनीझील पर मंडराया बड़ा संकट! मूसलधार बारिश के बाद नाले के रास्ते कई टन गाद-मिट्टी और मलबा झील में पहुंचा, प्रशासन ने शुरू की जांच
नैनीताल। मूसलधार बारिश के बाद नैनीझील में भारी मात्रा में गाद, मिट्टी और मलबा पहुंचने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। मल्लीताल बोट हाउस क्लब के समीप नाले के जरिए कई टन मलबा झील में पहुंचा है, जिससे नाले का मुहाना भी ब्लॉक हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम, भू-विज्ञानी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने झील से मलबा हटाने के साथ ही इसके स्रोत और झील तक पहुंचने के कारणों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। बीते दो दिनों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश के दौरान मल्लीताल बोट हाउस क्लब के समीप स्थित नाले से बड़ी मात्रा में गाद, मिट्टी और मलबा नैनीझील में पहुंच गया। नाले के मुहाने पर भारी मात्रा में मलबा जमा होने से यहां डेल्टा जैसा क्षेत्र बन गया है। इससे नाला ब्लॉक होने के साथ ही झील में भी गंदगी फैल गई। मामले की सूचना मिलने पर एसडीएम नवाजिश खलीक, भूविज्ञानी कामिनी बिष्ट और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नाले और झील का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूर्व में आल्मा कॉटेज क्षेत्र में हुए भूस्खलन का मलबा नालों में जमा था। तेज बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव के साथ यही मलबा झील तक पहुंचा। एसडीएम ने सिंचाई विभाग को तत्काल झील से मलबा हटाने और मलबे के स्रोत समेत अन्य संभावित कारणों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात भी कही गई है, ताकि नालों में गाद, मिट्टी या गंदगी डालने वालों की पहचान की जा सके। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह ने बताया कि झील में मलबा पहुंचने के कारणों को लेकर भूवैज्ञानिकों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। वर्ष 2018 में जिला प्रशासन की ओर से नैनीझील का सर्वे कराया गया था। अब दोबारा सर्वे कराकर पुरानी रिपोर्ट से उसका मिलान किया जाएगा। इससे झील की मौजूदा गहराई और झील में जमा मलबे की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा। इसके बाद भूवैज्ञानिकों के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर वैज्ञानिक विधि से झील से मलबा और मिट्टी हटाने की कार्रवाई की जाएगी।