नैनीताल:खड़गे की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ मामला पहुंचा हाईकोर्ट, जनहित याचिका में CCTV और वीडियो सुरक्षित रखने की मांग
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने अब न्यायिक मोड़ ले लिया है। देहरादून निवासी सामाजिक कार्यकर्ता बैजनाथ की ओर से इस मामले को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। मामले में आगामी 7 सितंबर को सुनवाई होने की संभावना है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि जनसभा के बाद सार्वजनिक स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल का छिड़काव कर कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किया गया। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह की सार्वजनिक गतिविधि से समाज में वैमनस्य और तनाव की स्थिति पैदा होने की आशंका है।
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। घटना को लेकर विभिन्न पक्षों ने अपने-अपने स्पष्टीकरण और धार्मिक तर्क रखे, जबकि कांग्रेस की ओर से भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया था।
अब हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने घटनाक्रम से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की मांग की है। इसमें कार्यक्रम और उसके बाद की गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ-साथ संबंधित क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को भी संरक्षित किए जाने की मांग शामिल है।
याचिका में राज्य सरकार को पूरे मामले का संज्ञान लेकर प्रभावी, निष्पक्ष और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, सूचना के अधिकार के तहत घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी मांगी गई हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति और तथ्यों को सामने लाया जा सके।
अब इस मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट की संभावित 7 सितंबर की सुनवाई पर है, जहां यह तय होगा कि याचिका पर अदालत किस तरह आगे बढ़ती है और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने समेत अन्य मांगों पर क्या रुख अपनाती है।